पाकिस्तान के अलग-अलग हिस्सों में इन दिनों असंतोष और हिंसा की घटनाएं लगातार सुर्खियों में हैं। पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK), वजीरिस्तान, बलोचिस्तान और अफगान सीमा से लगे इलाकों में सेना की कार्रवाई को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। हाल के दिनों में सामने आए कई दावों और रिपोर्टों ने पाकिस्तान की आंतरिक स्थिति पर नई बहस छेड़ दी है।
PoK में कार्रवाई पर उठे सवाल
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में महंगाई, बेरोजगारी और बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर लंबे समय से विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं। इसी बीच एक कथित गोपनीय दस्तावेज सामने आने के बाद सुरक्षा बलों की कार्रवाई को लेकर विवाद बढ़ गया है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 5 से 9 जून के बीच चलाए गए अभियान में कई नागरिकों की मौत हुई। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन मानवाधिकार संगठनों की ओर से निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है।
अधिकारों की मांग और बढ़ता असंतोष
स्थानीय संगठनों का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों की मांगें आर्थिक राहत, सस्ती बिजली और रोजगार से जुड़ी थीं, लेकिन जवाब सुरक्षा कार्रवाई के रूप में मिला। इससे क्षेत्र में असंतोष और बढ़ गया है। विरोध प्रदर्शन अब केवल आर्थिक मुद्दों तक सीमित नहीं रह गए हैं, बल्कि राजनीतिक अधिकारों और प्रतिनिधित्व की मांग भी तेज हो रही है।
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वजीरिस्तान और बलोचिस्तान में सैन्य अभियान
उत्तर वजीरिस्तान में पाकिस्तानी सेना ने हाल ही में कई ऑपरेशन चलाए हैं। सेना का कहना है कि इन अभियानों का उद्देश्य उग्रवादी समूहों के खिलाफ कार्रवाई करना है। दूसरी ओर स्थानीय समूहों का आरोप है कि सैन्य अभियानों के कारण आम नागरिक भी प्रभावित हो रहे हैं।
बलोचिस्तान में भी स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। हाल के वर्षों में बलोच विद्रोही संगठनों और सुरक्षा बलों के बीच संघर्ष लगातार बढ़ा है। ट्रेन हमलों और सुरक्षा प्रतिष्ठानों पर हमलों के बाद सेना ने बड़े स्तर पर जवाबी अभियान चलाए हैं। सरकार इन्हें आतंकवाद विरोधी कार्रवाई बताती है, जबकि अलगाववादी समूह इसे दमन की नीति करार देते हैं।
अफगान सीमा पर भी बढ़ा तनाव
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के रिश्तों में भी तनाव बना हुआ है। हालिया घटनाओं में सीमा पार सैन्य कार्रवाई और हवाई हमलों के आरोप सामने आए हैं। अफगान पक्ष ने नागरिक इलाकों को निशाना बनाए जाने का दावा किया है, जबकि पाकिस्तान सुरक्षा खतरों का हवाला देता रहा है। इन घटनाओं ने दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद अविश्वास को और बढ़ा दिया है।
आंतरिक चुनौतियों से घिरा पाकिस्तान
विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान इस समय आर्थिक संकट, राजनीतिक अस्थिरता और सुरक्षा चुनौतियों के तिहरे दबाव का सामना कर रहा है। ऐसे में विभिन्न क्षेत्रों में बढ़ता असंतोष सरकार और सेना दोनों के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। आने वाले समय में इन क्षेत्रों की स्थिति और वहां की राजनीतिक दिशा पूरे दक्षिण एशिया की स्थिरता पर असर डाल सकती है।