
Operation Sindoor: भारत के सफल ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान के आतंकी संगठन अब बौखलाहट में आ गए हैं। भारत की कार्रवाई में तबाह हुए इन संगठनों में सबसे आगे लश्कर-ए-तैयबा है, जो अब पहली बार खुली रैली आयोजित करने जा रहा है। खुफिया सूत्रों के मुताबिक, लश्कर यह रैली अपने अस्तित्व को फिर से स्थापित करने और अपनी ताकत दिखाने के लिए कर रहा है। बताया जा रहा है कि भारत के हमले में लश्कर के कई ठिकाने नष्ट हुए थे, जिससे संगठन को भारी नुकसान हुआ। अब वह इस रैली के जरिए यह संदेश देना चाहता है कि उसका नेटवर्क अभी खत्म नहीं हुआ है।
2 नवंबर को लाहौर में बड़ी रैली की तैयारी
सूत्रों के अनुसार, 2 नवंबर को लश्कर-ए-तैयबा पाकिस्तान के मीनार-ए-पाकिस्तान (लाहौर) में यह रैली करेगा। इस कार्यक्रम को Pakistan Markazi Muslim League (PMML) के बैनर तले आयोजित किया जा रहा है, ताकि इसे राजनीतिक स्वरूप दिया जा सके। रैली में बड़ी भीड़ जुटाने के लिए लश्कर के शीर्ष आतंकी नेताओं ने अपील जारी की है। बताया जा रहा है कि इसमें उन आतंकियों को भी बुलाया गया है जो भारत में वांटेड सूची में शामिल हैं। खुफिया एजेंसियों का मानना है कि रैली में हाफिज सईद का संदेश भी पढ़ा जाएगा, जबकि मंच पर सैफुल्ला कसूरी जैसे चेहरे प्रमुख भूमिका में नजर आ सकते हैं।
यह भी देखेंःAccident in Bengaluru: बेंगलुरु में दर्दनाक हादसा, लिव-इन कपल मृत मिले, बदबू से खुली दो दिन पुरानी घटना
पाकिस्तानी सेना की मदद से हो रही तैयारी
सूत्रों की मानें तो इस रैली के पीछे पाकिस्तान की सेना की सीधी भूमिका है। बताया जा रहा है कि लश्कर को दोबारा मजबूत करने के लिए सेना नई रणनीति पर काम कर रही है। उसका लक्ष्य सिर्फ भारत विरोधी एजेंडा चलाना नहीं, बल्कि आतंकी समूहों को टीटीपी (Tehrik-e-Taliban Pakistan) के खिलाफ मोर्चे पर भी तैनात करना है। भारत की खुफिया एजेंसियों ने इस रैली पर नजर रखी हुई है क्योंकि इसे आतंकियों के पुनर्गठन की बड़ी कोशिश माना जा रहा है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बार लश्कर इतने खुले रूप में सामने आ रहा है, जो पाकिस्तान के अंदर उसकी बढ़ती बौखलाहट और असुरक्षा को दर्शाता है।