पाकिस्तान ने एक बार फिर ऐसा बयान दिया है, जिससे क्रिकेट जगत में हंगामा मच गया है। पाकिस्तान ने कहा है कि वह टी20 वर्ल्ड कप 2026 में हिस्सा तो लेगा, लेकिन भारत के खिलाफ मैच नहीं खेलेगा। इस फैसले के बाद इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल ने चेतावनी जारी की है और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड से आधिकारिक जवाब का इंतजार किया जा रहा है। इस बीच भारत के कई पूर्व क्रिकेटरों ने पाकिस्तान के इस रुख पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
हरभजन सिंह बोले, पाकिस्तान खुद उलझा हुआ है
भारत के पूर्व स्पिनर हरभजन सिंह ने पाकिस्तान के फैसले पर तीखी बात कही। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के कुछ क्रिकेटरों का माइंडसेट पहले भी ऐसा ही था और आज भी वही सोच नजर आ रही है। हरभजन का कहना है कि अगर पाकिस्तान की आम जनता से पूछा जाए, तो वह भी भारत-पाकिस्तान मैच देखना चाहती है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि जब पहले भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव रहा, तब भी पाकिस्तान की टीम भारत आकर मैच खेल चुकी है।
बांग्लादेश के नाम पर राजनीति का आरोप
हरभजन सिंह ने पाकिस्तान की दलील पर सवाल उठाते हुए कहा कि बांग्लादेश के मुद्दे में पाकिस्तान का कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश को खेलने से रोकने का फैसला भारत ने नहीं, बल्कि आईसीसी ने लिया है। पाकिस्तान बेवजह बीच में कूद रहा है। हरभजन ने साफ कहा कि अगर पाकिस्तान अपनी टीम को फिर से मजबूत बनाना चाहता है, तो बिना खेले यह मुमकिन नहीं है। श्रीलंका जैसे न्यूट्रल वेन्यू में खेलने में पाकिस्तान को कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए।
आकाश चोपड़ा ने पाकिस्तान को बताया पाखंडी
पूर्व भारतीय क्रिकेटर आकाश चोपड़ा ने भी पाकिस्तान के फैसले पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आईसीसी ने पाकिस्तान की मांग मानते हुए न्यूट्रल वेन्यू दिया, इसके बावजूद पाकिस्तान मैच खेलने से मना कर रहा है। आकाश ने इसे दोहरा रवैया बताया और कहा कि जिस दिन पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ मैच न खेलने का ऐलान किया, उसी दिन अंडर 19 वर्ल्ड कप में भारत और पाकिस्तान की टीमें आमने-सामने खेल रही थीं।
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एक टीम खेले, दूसरी नहीं ये कैसा फैसला
आकाश चोपड़ा ने सवाल उठाया कि अगर अंडर 19 टीम भारत के खिलाफ खेल सकती है, तो सीनियर टीम क्यों नहीं। उन्होंने कहा कि यह पाखंड अब पूरी दुनिया के सामने आ चुका है। एक ही देश की दो टीमें, एक भारत से खेले और दूसरी मना कर दे, यह किसी को समझ नहीं आ रहा। आकाश के मुताबिक अब इस पर सख्त फैसला लेने की जरूरत है।
बिना खेले पाकिस्तान को ही होगा नुकसान
पूर्व खिलाड़ियों का मानना है कि पाकिस्तान का यह फैसला आखिरकार उसी को नुकसान पहुंचाएगा। भारत-पाकिस्तान मैच से मिलने वाली कमाई, दर्शक और क्रिकेट की प्रतिष्ठा सब पर असर पड़ेगा। अगर पाकिस्तान इसी तरह फैसले बदलता रहा, तो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उसकी साख कमजोर होगी। बिना खेले न तो टीम मजबूत बनेगी और न ही बोर्ड को फायदा होगा। साफ है कि इस फैसले का सबसे बड़ा नुकसान पाकिस्तान क्रिकेट को ही झेलना पड़ सकता है।