दूसरे टेस्ट से ठीक पहले टीम इंडिया के ड्रेसिंग रूम में माहौल बेहद गर्म बताया जा रहा है। शुभमन गिल की गर्दन की चोट ने पूरे कॉम्बिनेशन को बिगाड़ दिया है और कोच गौतम गंभीर गहरी दुविधा में दिख रहे हैं। वहीं दूसरी ओर ऋषभ पंत ने कप्तानी की जिम्मेदारी संभालते ही ऐसी चाल चली है, जिसने पूरा समीकरण बदल दिया है। ड्रेसिंग रूम सूत्रों के मुताबिक पंत ने टीम मीटिंग में गंभीर के सामने आक्रामक रणनीति की खुलकर मांग की और कहा कि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ डरकर खेलना मतलब एक और हार को न्यौता देना है। उनकी इस अलग और तेज सोच ने खिलाड़ियों को भी हैरान कर दिया।
पंत ने खुद बनाया गेम प्लान, गंभीर भी चौंके
खबर है कि पंत ने सिर्फ कप्तानी ही नहीं, बल्कि बैटिंग ऑर्डर, स्पिन-हैंडलिंग और सेशन दर सेशन प्लान खुद तैयार किया है। ऑस्ट्रेलिया से वापसी के बाद पंत की फिटनेस, आत्मविश्वास और मैदान पर उनकी आक्रामक सोच ने टीम में नई ऊर्जा भरी है। यही वजह है कि प्लेयर्स भी मानते हैं कि गुवाहाटी टेस्ट में पंत ब्रिगेड पूरी आक्रामकता के साथ उतरने वाली है। लेकिन असली टकराव गिल को रिप्लेस करने वाले खिलाड़ी को लेकर है। टीम के पास साई सुदर्शन, देवदत्त पडिक्कल और नीतीश रेड्डी जैसे विकल्प हैं, लेकिन गंभीर इस चयन को लेकर उलझे हुए हैं। कोलकाता टेस्ट में अफ्रीकी ऑफ स्पिनर्स ने लेफ्ट-हैंडर्स को बुरी तरह परेशान किया था, इसलिए एक और लेफ्टी लाइनअप उतारना जोखिम भरा माना जा रहा है।
नीतीश रेड्डी को चुने जाने की जोरदार मांग
यहीं पर पंत ने अपना ब्रह्मास्त्र चल दिया। कहा जा रहा है कि पंत ने टीम मीटिंग में साफ-साफ कहा कि टीम को अभी एक दाएं हाथ के बल्लेबाज की बेहद जरूरत है। पंत ने सबसे ज्यादा जोर नीतीश रेड्डी के नाम पर दिया। भले ही रेड्डी हालिया मैचों में खास रन नहीं बना पाए हों, लेकिन नेट्स में उनकी फुटवर्क, टाइमिंग और मानसिक मजबूती ने पंत को प्रभावित किया है। रेड्डी का ऑलराउंड पैकेज टीम के लिए लाभकारी साबित हो सकता है—ऐसा पंत का मानना है। उनके आने से दाएं-बाएं का संतुलन भी मजबूत होगा और अफ्रीकी स्पिनरों के खिलाफ टीम बेहतर स्थिति में रहेगी।
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पंत की रणनीति से खिलाड़ी दंग
टीम सूत्रों का दावा है कि पंत की निर्णायक रणनीति देखकर कई खिलाड़ी दंग रह गए, क्योंकि पंत ने केवल राय नहीं दी उन्होंने तैयार प्लान टेबल पर रख दिया। वहीं गंभीर गिल की गैरमौजूदगी के बाद कमजोर बल्लेबाजी ऑर्डर को लेकर परेशान जरूर हैं, लेकिन पंत की राय को सीधे खारिज भी नहीं कर पा रहे। इस समय ड्रेसिंग रूम बाहर से शांत दिख रहा है, लेकिन अंदर से सब जानते हैं कि यह मैच सिर्फ एक मुकाबला नहीं, बल्कि सीरीज बचाने की आखिरी उम्मीद है। माना जा रहा है कि पंत की मांग मान ली गई है और रेड्डी की प्लेइंग-11 में जगह लगभग तय है।