Khan Sir and Roshan Anand: पटना में खान सर और ज्ञान बिंदु कोचिंग के संचालक रौशन आनंद के बीच विवाद को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने इस मामले में दोनों शिक्षकों का बचाव करते हुए कहा कि यह केवल दो व्यक्तियों या दो संस्थानों का विवाद नहीं है, बल्कि इसके पीछे व्यवस्था की कई खामियां और कुछ लोगों के निजी हित भी जुड़े हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार के कोचिंग संस्थानों की बढ़ती लोकप्रियता से परेशान कुछ लोग उनकी छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।
कोटा और कुछ यूट्यूबर्स पर लगाया विवाद बढ़ाने का आरोप
मीडिया से बातचीत के दौरान पप्पू यादव ने कहा कि राजस्थान के कोटा स्थित कुछ संस्थान और कुछ यूट्यूब चैनल इस मामले को अनावश्यक रूप से बढ़ा रहे हैं। उनके अनुसार पटना के कोचिंग संस्थानों को बदनाम करने के लिए माहौल बनाया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि विवाद को वास्तविक तथ्यों से हटाकर अलग दिशा देने की कोशिश की जा रही है, जिससे छात्रों और अभिभावकों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है।
दोनों शिक्षकों की छवि पर जताया भरोसा
सांसद ने कहा कि खान सर और रौशन आनंद दोनों ही छात्रों के बीच सम्मानित नाम हैं। उन्होंने बताया कि वर्षों से दोनों शिक्षकों ने अपने-अपने क्षेत्र में मेहनत कर छात्रों को सफलता दिलाई है। पप्पू यादव के अनुसार यदि किसी कर्मचारी, गार्ड, छात्र या रिश्तेदार से कोई गलती हुई है तो उसकी व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। केवल किसी संस्थान से जुड़े होने के आधार पर उसके संचालक को दोषी ठहराना उचित नहीं है।
प्रशासन की भूमिका पर भी उठाए सवाल
पप्पू यादव ने पूरे मामले में प्रशासन के रवैये पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि यदि किसी स्तर पर विवाद या गलती हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, लेकिन मामले को जरूरत से ज्यादा गंभीर बनाना उचित नहीं है। उनका आरोप था कि प्रशासन स्थिति को शांत करने के बजाय उसे और उलझाने का काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि वास्तविक अपराधियों तक पहुंचने के बजाय शिक्षकों और उनके सहयोगियों को निशाना बनाया जा रहा है।
छात्रों को भटकाने के बजाय समाधान पर हो ध्यान
सांसद ने कहा कि बिहार के कई कोचिंग संस्थान राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुके हैं और बड़ी संख्या में छात्र सफलता हासिल कर रहे हैं। ऐसे समय में विवादों को बढ़ावा देना शिक्षा के माहौल के लिए नुकसानदायक है। उन्होंने छात्रों और समाज से अपील की कि वे अफवाहों और आरोप-प्रत्यारोप से दूर रहें। पप्पू यादव ने कहा कि सच और पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ने से ही विवाद समाप्त होगा और शिक्षा का वातावरण बेहतर बन सकेगा।