Parbhani Mayoral Election: महाराष्ट्र के परभणी महानगरपालिका में महापौर पद के चुनाव के बाद राज्य की राजनीति गरमा गई है। शिवसेना (यूबीटी) के उम्मीदवार सैयद इकबाल के महापौर निर्वाचित होने के बाद भाजपा और शिंदे गुट ने उद्धव ठाकरे की पार्टी पर तीखे हमले किए हैं। इस मुद्दे पर गठबंधन की राजनीति और पहचान की बहस तेज हो गई है।
मुकाबले में साफ बढ़त
महापौर पद के लिए हुए मतदान में सैयद इकबाल को 39 वोट मिले, जबकि भाजपा उम्मीदवार को 26 मत प्राप्त हुए। कुछ निर्दलीय पार्षदों का समर्थन भी यूबीटी उम्मीदवार को मिला। परिणाम घोषित होते ही समर्थकों ने जश्न मनाया और गठबंधन की जीत को अहम बताया।
विपक्ष का हमला
भाजपा नेताओं ने इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए शिवसेना (यूबीटी) पर कटाक्ष किया। कुछ नेताओं ने पार्टी के रुख पर सवाल उठाते हुए इसे पहचान की राजनीति से जोड़ा। शिंदे गुट की ओर से भी बयान आए कि यह फैसला राजनीतिक संदेश देने की कोशिश है।
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गठबंधन समीकरण, कांग्रेस की भूमिका अहम
इस जीत में कांग्रेस के समर्थन को निर्णायक माना जा रहा है। महापौर चुनाव में दोनों दलों ने मिलकर रणनीति बनाई, जिससे बहुमत हासिल हुआ। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, स्थानीय स्तर पर गठबंधन की मजबूती ने परिणाम को प्रभावित किया।
उपमहापौर पद भी गठबंधन के पास
उपमहापौर पद के चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार ने जीत दर्ज की। इस तरह महापौर और उपमहापौर दोनों पद गठबंधन के खाते में गए। वहीं विपक्षी दलों ने परिणाम को लेकर अपनी राजनीतिक आपत्तियां और आलोचनाएं जारी रखी हैं।