Parth Bhut Ranji Trophy Record : रणजी ट्रॉफी 2026-27 के सीजन में सौराष्ट्र के स्पिनर पार्थ भुत ने अपनी गेंदबाजी से सबका ध्यान खींच लिया है। असम के खिलाफ मुकाबले में बाएं हाथ के इस स्पिनर ने दूसरी पारी में सिर्फ 17 रन देकर 8 विकेट झटक लिए। उन्होंने 18 ओवर गेंदबाजी की और असम के बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। उनकी इस शानदार गेंदबाजी के सामने असम की बल्लेबाजी पूरी तरह बिखर गई। पार्थ ने न सिर्फ अपनी टीम को बड़ी जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई, बल्कि सौराष्ट्र के क्रिकेट इतिहास में भी अपना नाम दर्ज करा लिया।
जयदेव उनादकट का रिकॉर्ड टूटा
पार्थ भुत ने इस प्रदर्शन के साथ सौराष्ट्र के लिए एक पारी में सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। इससे पहले यह रिकॉर्ड टीम के पूर्व कप्तान जयदेव उनादकट के नाम था। उनादकट ने 8 विकेट 39 रन देकर हासिल किए थे। लेकिन पार्थ ने 8 विकेट लेने के लिए केवल 17 रन खर्च किए और पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। इस प्रदर्शन के साथ वह सौराष्ट्र के लिए एक पारी में 8 विकेट लेने वाले चुनिंदा गेंदबाजों में शामिल हो गए। उनकी गेंदबाजी ने दिखाया कि घरेलू क्रिकेट में भी स्पिनर मैच का रुख पूरी तरह बदल सकता है।
असम की दूसरी पारी सिर्फ 94 रन पर सिमटी
सौराष्ट्र के खिलाफ दूसरी पारी में असम के बल्लेबाज पार्थ भुत की फिरकी का सामना नहीं कर सके। लगातार विकेट गिरने से टीम दबाव में आ गई और पूरी पारी केवल 94 रन पर समाप्त हो गई। पार्थ ने 18 ओवर में 17 रन देकर 8 विकेट लिए और असम की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। उनकी गेंदों को समझने में बल्लेबाज नाकाम रहे। विकेटों के लगातार गिरने से असम की टीम बड़ा लक्ष्य खड़ा करने की स्थिति में भी नहीं पहुंच सकी। इस प्रदर्शन ने मुकाबले में सौराष्ट्र की पकड़ और मजबूत कर दी।
सौराष्ट्र ने पारी और 12 रन से जीता मैच
पार्थ भुत की घातक गेंदबाजी का सीधा फायदा सौराष्ट्र को मिला। टीम ने असम को दूसरी पारी में 94 रन पर समेटकर मुकाबला पारी और 12 रन से जीत लिया। रणजी ट्रॉफी जैसे लंबे प्रारूप में पारी से जीत दर्ज करना टीम के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। इस मुकाबले में सौराष्ट्र के गेंदबाजों ने विपक्षी टीम पर लगातार दबाव बनाए रखा। पार्थ के आठ विकेट इस जीत का सबसे बड़ा आकर्षण रहे। उनकी गेंदबाजी ने मैच को निर्णायक मोड़ पर पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
29 साल के पार्थ भुत की बड़ी उपलब्धि
29 वर्षीय पार्थ भुत बाएं हाथ के स्पिनर हैं और इस प्रदर्शन के बाद घरेलू क्रिकेट में उनकी पहचान और मजबूत हुई है। असम के खिलाफ उनकी गेंदबाजी केवल विकेटों की संख्या के कारण खास नहीं रही, बल्कि कम रन खर्च करने की वजह से भी यादगार बन गई। 18 ओवर में 17 रन देकर 8 विकेट लेना बेहद प्रभावशाली प्रदर्शन है। सौराष्ट्र के लिए जयदेव उनादकट का रिकॉर्ड तोड़ना उनके करियर की बड़ी उपलब्धियों में शामिल हो गया है। इस प्रदर्शन से उन्होंने साबित किया कि लगातार सटीक गेंदबाजी और दबाव बनाए रखना मैच जिताने में कितना अहम है।
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जडेजा की मौजूदगी वाले मैच में चमके पार्थ
इस मुकाबले में भारतीय क्रिकेटर रवींद्र जडेजा भी सौराष्ट्र की टीम का हिस्सा थे। ऐसे मैच में पार्थ भुत ने अपने प्रदर्शन से अलग पहचान बनाई। उनकी गेंदबाजी ने असम के बल्लेबाजों को टिकने नहीं दिया और सौराष्ट्र को बड़ी जीत दिलाने में मदद की। रणजी ट्रॉफी जैसे घरेलू टूर्नामेंट में इस तरह का रिकॉर्ड प्रदर्शन खिलाड़ियों के लिए आगे बढ़ने का मौका बन सकता है। पार्थ की इस उपलब्धि ने सौराष्ट्र की जीत को खास बना दिया और टीम के लिए सीजन की यादगार कामयाबियों में जगह बना दी।