1 जुलाई 2026 से पासपोर्ट बनवाने और री-इश्यू कराने के लिए नए शुल्क लागू हो गए हैं। विदेश मंत्रालय ने पासपोर्ट सेवाओं की फीस में संशोधन किया है, जिसके बाद अब सामान्य और तत्काल (Tatkal) दोनों श्रेणियों में आवेदन करने वाले लोगों को पहले के मुकाबले अधिक शुल्क देना होगा। हालांकि सरकार ने 8 वर्ष तक के बच्चों और 60 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को विशेष राहत भी दी है।
36 पन्नों वाले पासपोर्ट की फीस में बड़ा इजाफा
नई दरों के अनुसार 36 पन्नों वाला सामान्य पासपोर्ट बनवाने या री-इश्यू कराने के लिए अब 2,500 रुपये का भुगतान करना होगा। इससे पहले इसके लिए 1,500 रुपये शुल्क लिया जाता था। वहीं तत्काल सेवा के तहत आवेदन करने वालों को अब 5,000 रुपये फीस देनी होगी, जबकि पहले यह शुल्क 3,500 रुपये था।
60 पन्नों वाले पासपोर्ट के लिए भी बढ़ी लागत
60 पन्नों वाले सामान्य पासपोर्ट या उसके री-इश्यू की फीस भी बढ़ा दी गई है। अब इसके लिए 3,500 रुपये का भुगतान करना होगा, जबकि पहले यह शुल्क 2,000 रुपये था। इसी तरह 60 पन्नों वाले पासपोर्ट की तत्काल सेवा का शुल्क बढ़ाकर 6,000 रुपये कर दिया गया है।
ये भी पढ़ें : 1 July से बदल गए कई बड़े नियम! गैस सिलेंडर से पासपोर्ट तक जानिए क्या हुआ सस्ता, क्या हुआ महंगा
खोए या क्षतिग्रस्त पासपोर्ट पर भी ज्यादा शुल्क
अगर किसी व्यक्ति का पासपोर्ट खो जाता है या खराब हो जाता है तो उसके बदले नया पासपोर्ट जारी कराने के लिए भी अब अधिक शुल्क देना होगा। 36 पन्नों वाले खोए या क्षतिग्रस्त पासपोर्ट के लिए 5,000 रुपये और 60 पन्नों वाले पासपोर्ट के लिए 6,000 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है।
बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों को मिलेगी छूट
सरकार ने 8 वर्ष तक के बच्चों और 60 वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों को नए पासपोर्ट के आवेदन पर 10 प्रतिशत की छूट देने का फैसला किया है। हालांकि यह रियायत केवल नए पासपोर्ट के आवेदन पर ही मिलेगी। री-इश्यू या नवीनीकरण के मामलों में इस छूट का लाभ नहीं दिया जाएगा।
आवेदन से पहले नई फीस जरूर जांचें
1 जुलाई 2026 के बाद पासपोर्ट के लिए आवेदन करने वाले सभी आवेदकों को नई शुल्क दरों के अनुसार ही भुगतान करना होगा। ऐसे में आवेदन प्रक्रिया शुरू करने से पहले अपनी श्रेणी के अनुसार लागू फीस की जानकारी जरूर जांच लें, ताकि भुगतान के समय किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।