Petrol Diesel Price Today: रविवार, 11 अक्टूबर को पेट्रोल और डीजल भरवाने से पहले अपने शहर के ताजा भाव जान लेना जरूरी है। ईंधन की कीमतों का सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ता है। खासकर उन लोगों के लिए पेट्रोल-डीजल के दाम मायने रखते हैं, जो रोजाना काम पर जाने या दूसरे जरूरी कामों के लिए अपनी गाड़ी का इस्तेमाल करते हैं। अगर आप भी आज वाहन में ईंधन भरवाने की योजना बना रहे हैं, तो दिल्ली, नोएडा, मुंबई, लखनऊ, पटना समेत प्रमुख शहरों के रेट यहां देख सकते हैं। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल का भाव 95.20 रुपये प्रति लीटर है। दूसरी ओर, मुंबई और कोलकाता जैसे महानगरों में पेट्रोल की कीमत 110 रुपये प्रति लीटर से ऊपर बनी हुई है। अलग-अलग शहरों में ईंधन के भाव में अंतर स्थानीय करों और अन्य लागतों के कारण देखने को मिलता है।
11 अक्टूबर को दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है। नोएडा में पेट्रोल की कीमत 101.96 रुपये और डीजल की 95.44 रुपये प्रति लीटर है। मुंबई में पेट्रोल 111.31 रुपये और डीजल 97.97 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। वहीं, कोलकाता में पेट्रोल 113.51 रुपये और डीजल 99.82 रुपये प्रति लीटर है। चेन्नई में पेट्रोल का भाव 107.77 रुपये और डीजल का 99.55 रुपये प्रति लीटर है। गुरुग्राम में पेट्रोल 102.97 रुपये और डीजल 95.64 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है। लखनऊ में पेट्रोल की कीमत 101.86 रुपये और डीजल की 95.36 रुपये प्रति लीटर है, जबकि पटना में पेट्रोल 113.37 रुपये और डीजल 99.36 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। इसके अलावा, जयपुर में पेट्रोल 112.66 रुपये और डीजल 98.25 रुपये प्रति लीटर है। बेंगलुरु में पेट्रोल की कीमत 111.68 रुपये और डीजल का भाव 99.56 रुपये प्रति लीटर दर्ज किया गया है।
पेट्रोल-डीजल की कीमतों का आम लोगों पर क्या असर होता है?
ईंधन के दाम बढ़ने या ऊंचे स्तर पर बने रहने का असर सिर्फ वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहता। पेट्रोल महंगा होने पर बाइक और कार से रोजाना सफर करने वालों का मासिक बजट बढ़ सकता है। वहीं, डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी से माल ढुलाई, बसों और दूसरे व्यावसायिक वाहनों के परिचालन खर्च पर असर पड़ सकता है। परिवहन की लागत बढ़ने पर सब्जियों, फल और अन्य जरूरी सामानों को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाना महंगा हो सकता है। इससे वस्तुओं की कीमतों पर भी दबाव पड़ने की आशंका रहती है। हालांकि, बाजार में किसी सामान का अंतिम भाव कई अन्य कारणों से भी तय होता है।
गाड़ी चलाते समय इन बातों का रखें ध्यान
पेट्रोल और डीजल पर होने वाले खर्च को नियंत्रित करने के लिए ड्राइविंग की कुछ आदतों में बदलाव किया जा सकता है। वाहन की समय पर सर्विस कराएं और टायरों में हवा निर्धारित स्तर पर रखें। अचानक तेज रफ्तार बढ़ाने और बार-बार ब्रेक लगाने से बचें। लंबे समय तक गाड़ी खड़ी रहने पर इंजन बंद रखना भी उपयोगी हो सकता है। इसके अलावा, छोटी दूरी के लिए पैदल चलने या जरूरत के अनुसार सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने से ईंधन की खपत कम करने में मदद मिल सकती है।
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अलग-अलग शहरों में पेट्रोल-डीजल के भाव अलग क्यों होते हैं?
देश के हर शहर में पेट्रोल और डीजल की कीमत एक जैसी नहीं होती। इसकी प्रमुख वजह केंद्र और राज्य सरकारों की ओर से लगाए जाने वाले करों में अंतर है। राज्यों में वैट की दर अलग होने से एक ही ईंधन का खुदरा भाव बदल सकता है। इसके अलावा डीलर का कमीशन और ईंधन को संबंधित क्षेत्र तक पहुंचाने की लागत भी कीमत को प्रभावित करती है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के भाव में होने वाले उतार-चढ़ाव का असर भी पेट्रोल-डीजल की लागत पर पड़ता है। हालांकि, वैश्विक कीमतों में बदलाव होने के बाद घरेलू बाजार में खुदरा भाव तुरंत बदलें, यह जरूरी नहीं है। तेल कंपनियों की मूल्य निर्धारण नीति और अन्य लागतें भी इसमें भूमिका निभाती हैं। इसलिए वाहन में पेट्रोल या डीजल भरवाने से पहले अपने शहर का ताजा रेट जांचना बेहतर रहता है।