अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी बनी हुई है। ब्रेंट क्रूड 86 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया है, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) भी 80 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर कारोबार कर रहा है। इसके बावजूद भारतीय उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात यह है कि 15 जुलाई को भी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया। सरकारी तेल कंपनियों ने रोजाना की समीक्षा के बाद पुराने रेट ही बरकरार रखे हैं।
देश के प्रमुख शहरों में क्या हैं ताजा कीमतें
देश के प्रमुख महानगरों में ईंधन की कीमतें पहले जैसी ही बनी हुई हैं। दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है। मुंबई में पेट्रोल 111.12 रुपये और डीजल 97.78 रुपये प्रति लीटर है। कोलकाता में पेट्रोल 113.43 रुपये और डीजल 99.78 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। वहीं चेन्नई में पेट्रोल 107.75 रुपये और डीजल 99.57 रुपये प्रति लीटर उपलब्ध है। हैदराबाद में पेट्रोल 115.69 रुपये और डीजल 103.82 रुपये प्रति लीटर, जबकि बेंगलुरु में पेट्रोल 110.93 रुपये और डीजल 98.79 रुपये प्रति लीटर के भाव पर मिल रहा है।
तेल कंपनियों ने बढ़ाई गुणवत्ता की निगरानी
सोशल मीडिया पर ईंधन की गुणवत्ता को लेकर उठ रहे सवालों के बीच इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने देशभर में निरीक्षण अभियान तेज कर दिया है। कंपनियों का कहना है कि पेट्रोल पंपों पर लगातार औचक जांच और गुणवत्ता परीक्षण किए जा रहे हैं, ताकि उपभोक्ताओं तक शुद्ध और मानक के अनुरूप ईंधन पहुंचे।
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मिलावट पर सख्त कार्रवाई का दावा
इंडियन ऑयल ने पिछले एक सप्ताह में करीब 10 हजार औचक निरीक्षण और 8,500 से अधिक गुणवत्ता परीक्षण किए हैं। भारत पेट्रोलियम ने 3 से 13 जुलाई के बीच 900 से ज्यादा पेट्रोल पंपों की जांच कर मोबाइल लैब के जरिए ईंधन के नमूने परखे। वहीं हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने भी 3,500 से अधिक नियमित और विशेष निरीक्षण किए हैं। कंपनियों का कहना है कि मिलावट के मामलों में उनकी जीरो टॉलरेंस नीति जारी रहेगी।
शिकायत होने पर तुरंत करें संपर्क
तेल कंपनियों ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अपुष्ट खबरों पर भरोसा करने के बजाय किसी भी तरह की शिकायत सीधे कंपनी के आधिकारिक कस्टमर केयर प्लेटफॉर्म पर दर्ज कराएं। कंपनियों के अनुसार उनकी क्वालिटी कंट्रोल टीमें लगातार फील्ड में सक्रिय हैं और मोबाइल लैब के जरिए ईंधन की जांच की जा रही है। अब तक की जांच में किसी भी बड़े स्तर की गड़बड़ी सामने नहीं आई है।