नए साल की शुरुआत के साथ ही देश के करोड़ों किसानों की निगाह प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की अगली किस्त पर टिकी हुई है। हर चार महीने में मिलने वाले दो हजार रुपये छोटे और सीमांत किसानों के लिए बड़ी राहत बनते हैं। अब तक योजना की इक्कीस किस्तें जारी हो चुकी हैं और लाखों परिवारों को सीधा फायदा मिला है। ऐसे में सवाल यही है कि क्या अगली यानी बाइसवीं किस्त अगले महीने खाते में पहुंचेगी या फिर किसानों को और इंतजार करना होगा।
बाइसवीं किस्त कब तक आने की संभावना
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की बाइसवीं किस्त फरवरी 2026 में जारी हो सकती है। हालांकि सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है। इसलिए किसानों को सलाह दी जा रही है कि वे योजना के आधिकारिक पोर्टल और मोबाइल अनुप्रयोग पर नियमित रूप से जानकारी देखते रहें। जैसे ही तारीख तय होगी, इसकी सूचना सार्वजनिक कर दी जाएगी।
योजना के नियम और भुगतान की व्यवस्था
इस योजना के तहत पात्र किसानों को साल भर में कुल छह हजार रुपये दिए जाते हैं। यह रकम तीन बराबर किस्तों में सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है। हर किस्त दो हजार रुपये की होती है। सरकार का उद्देश्य है कि बिना किसी बिचौलिये के पैसा सीधे किसान तक पहुंचे। इसी वजह से दस्तावेज और सत्यापन की प्रक्रिया को लगातार सख्त किया जा रहा है।
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किसान पहचान संख्या बना जरूरी
इस बार सबसे बड़ा बदलाव किसान पहचान संख्या को लेकर किया गया है। सरकार ने संकेत दिए हैं कि अब केवल इलेक्ट्रॉनिक सत्यापन पर्याप्त नहीं होगा। जिन किसानों के पास किसान पहचान संख्या नहीं होगी, उनकी किस्त रोकी जा सकती है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि योजना का लाभ सिर्फ वास्तविक और पात्र किसानों को ही मिले। इसलिए जिन किसानों ने अब तक यह पहचान संख्या नहीं बनवाई है, उन्हें जल्द प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए।
सत्यापन की प्रक्रिया कैसे पूरी करें
इलेक्ट्रॉनिक सत्यापन अब भी अनिवार्य है। किसान आधिकारिक पोर्टल पर एकमुश्त पासकोड के जरिए यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। इसके अलावा नजदीकी जनसेवा केंद्र पर जाकर बायोमेट्रिक सत्यापन कराया जा सकता है। मोबाइल अनुप्रयोग में चेहरे से सत्यापन की सुविधा भी दी गई है, जिससे किसान घर बैठे ही यह काम कर सकते हैं।
किस्त अटकने के कारण और समाधान
कई बार किस्त केवल सत्यापन की वजह से नहीं, बल्कि अन्य तकनीकी कारणों से भी रुक जाती है। बैंक खाते की जानकारी में गलती, शाखा कोड बदलना, बैंक का सत्यापन अपडेट न होना या जमीन के रिकॉर्ड में गड़बड़ी आम वजहें हैं। अगर किसी किसान की किस्त अटक जाए तो उसे तुरंत जनसेवा केंद्र, बैंक या कृषि विभाग से संपर्क करना चाहिए। सरकार की ओर से सहायता नंबर भी जारी किए गए हैं। समय पर दो हजार रुपये पाने के लिए सभी जानकारी सही और अपडेट रखना बेहद जरूरी है।