
बिहार की सियासत में इन दिनों जबरदस्त बवाल मचा हुआ है. मामला है दरभंगा की वोटर अधिकार यात्रा के दौरान कांग्रेस के मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गाली देने का. जैसे ही यह वीडियो वायरल हुआ पूरे बिहार में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध शुरू कर दिया. बता दें कि शुक्रवार को पटना समेत बिहार के सभी जिलों में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस के खिलाफ प्रदर्शन किया. कई जगहों पर माहौल इतना बिगड़ गया कि कांग्रेस दफ्तरों पर हंगामा होने लगा. पटना और मुजफ्फरपुर में तो कांग्रेस और बीजेपी कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए. पटना के सदाकत आश्रम में लाठी-डंडे और पत्थर चले, जिसमें कई लोग घायल हो गए.
प्रशांत किशोर ने कांग्रेस को घेरा
इधर समस्तीपुर में "बिहार बदलाव सभा" के दौरान जन सुराज पार्टी के संयोजक प्रशांत किशोर (PK) ने भी इस पूरे मामले पर नाराजगी जताई. उन्होंने साफ कहा “नरेंद्र मोदी अब सिर्फ बीजेपी के नेता नहीं बल्कि देश के प्रधानमंत्री हैं. किसी की मां को गाली देना बेहद गलत है. यह कांग्रेस जैसे बड़े दल को बिल्कुल शोभा नहीं देता.” पीके ने आगे कहा कि मोदी का राजनीतिक विरोध करना गलत नहीं है. वो खुद भी रोज कहते हैं कि “पीएम वोट बिहार से लेते हैं और फैक्ट्री गुजरात में लगाते हैं.” लेकिन विरोध करने का मतलब गाली-गलौज करना नहीं होता.
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कानूनी कार्रवाई और बीजेपी का आन्दोलन
इस मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी मुजफ्फरपुर की कोर्ट में केस दर्ज हुआ है. वहीं दरभंगा पुलिस ने गाली देने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. पटना में भी दो थानों में शिकायत दी गई है. लेकिन इसके बावजूद बीजेपी का गुस्सा थम नहीं रहा है. पहले पटना में बड़े स्तर पर आंदोलन हुआ और अब यह मुद्दा दिल्ली तक पहुंच गया है. बीजेपी नेता साफ कह रहे हैं कि कांग्रेस को सार्वजनिक तौर पर माफी मांगनी चाहिए. कुल मिलाकर इस पूरे विवाद ने बिहार की राजनीति में आग लगा दी है. गाली देने वाला सिर्फ एक व्यक्ति था लेकिन उसका असर कांग्रेस पार्टी की छवि पर पड़ रहा है. वहीं बीजेपी इस मुद्दे को चुनावी हथियार बनाकर सड़क से लेकर कोर्ट तक कांग्रेस को घेर रही है.