प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस साल दीपावली छत्तीसगढ़ के बस्तर में सुरक्षा बलों के जवानों के साथ मनाई। इस दौरान उन्होंने नक्सलवाद के खिलाफ अभियान में जवानों के योगदान की सराहना की। पीएम मोदी ने कहा कि देश में नक्सली हिंसा पर बड़ी जीत मिली है और यह पहली दिवाली है, जब भारत नक्सलवाद से मुक्त होने की दिशा में आगे बढ़ा है। हालांकि उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि नक्सली गतिविधियां कमजोर पड़ने के बाद भी वैचारिक स्तर पर इस सोच को बढ़ावा देने वाले लोग सक्रिय हैं। अब ऐसी मानसिकता को भी हराना जरूरी है।
जवानों के बलिदान को किया याद
बस्तर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि जिस इलाके ने लंबे समय तक नक्सली हिंसा का सामना किया, वहां अब विकास की नई शुरुआत हो रही है। उन्होंने सीआरपीएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी, एसएसबी और राज्य पुलिस के जवानों के साथ बस्तर फाइटर्स की भूमिका को भी अहम बताया। प्रधानमंत्री के मुताबिक, नक्सलवाद के खिलाफ संघर्ष में छत्तीसगढ़ में एक हजार से अधिक जवानों ने अपनी जान गंवाई। कई सुरक्षाकर्मी आईईडी धमाकों में घायल होकर स्थायी रूप से प्रभावित हुए।
सुरक्षा व्यवस्था में हुआ सुधार
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले एक साल में ड्यूटी के दौरान किसी सीआरपीएफ जवान की मौत नहीं होना सुरक्षा अभियान की बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने इसे बेहतर रणनीति और मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति का परिणाम बताया। पीएम मोदी ने कहा कि पहले नक्सलवाद का प्रभाव देश के करीब 20 राज्यों के 230 से ज्यादा जिलों तक फैला था। कई इलाकों में शाम होते ही सामान्य गतिविधियां रुक जाती थीं और लोगों के लोकतांत्रिक अधिकार भी प्रभावित होते थे।
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विकास योजनाओं से बदली तस्वीर
पीएम मोदी ने बताया कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा के साथ बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने पर भी काम किया गया है। इन इलाकों में 1,500 किलोमीटर से ज्यादा सड़कें बनाई गईं और 9,500 से अधिक मोबाइल टावर लगाए गए। आदिवासी बच्चों की पढ़ाई के लिए करीब 200 एकलव्य विद्यालय खोले गए। युवाओं को रोजगार और प्रशिक्षण देने के लिए लगभग 50 आईटीआई और 50 कौशल विकास केंद्र शुरू किए गए। इसके अलावा बैंक, डाकघर और एटीएम जैसी सुविधाओं का विस्तार किया गया।
गरीबी और नक्सलवाद के खिलाफ जीत का दावा
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने नक्सलवाद के साथ गरीबी और पिछड़ेपन के खिलाफ भी अभियान चलाया है। उन्होंने विश्व बैंक की रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए दावा किया कि पिछले 12 वर्षों में भारत में 50 करोड़ लोग अत्यधिक गरीबी से बाहर आए हैं। पीएम मोदी ने कहा कि सुरक्षा, शिक्षा, रोजगार और विकास को साथ लेकर चलने से प्रभावित क्षेत्रों में बदलाव संभव हुआ है। उन्होंने जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि देश उनकी सेवा और बलिदान का हमेशा ऋणी रहेगा।