लोकसभा में विशेष सत्र के दौरान नरेंद्र मोदी ने महिला आरक्षण को लेकर जोरदार बयान दिया। उन्होंने कहा कि देश की 50 प्रतिशत आबादी को नीति निर्धारण में शामिल करना अब समय की मांग है। उन्होंने सभी दलों से अपील की कि इस मुद्दे को राजनीति से ऊपर उठकर देखा जाए। पीएम ने साफ कहा कि यह फैसला देश की दिशा और दशा तय करने वाला है और इसे ऐतिहासिक अवसर के रूप में लेना चाहिए।
विरोध करने वालों को चेतावनी
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि जो लोग महिला आरक्षण का विरोध करेंगे, उन्हें इसकी राजनीतिक कीमत चुकानी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि पहले भी जब-जब इस मुद्दे पर विरोध हुआ, तब महिलाओं ने ऐसे नेताओं को माफ नहीं किया। हालांकि 2024 में ऐसा नहीं हुआ क्योंकि सभी दलों ने मिलकर इसे पास किया। उनके मुताबिक, यह मुद्दा किसी एक पार्टी का नहीं बल्कि पूरे देश का है।
राजनीति से ऊपर उठने की अपील
पीएम ने कहा कि महिला आरक्षण को राजनीतिक नजरिए से देखना गलत है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि पंचायत स्तर पर आरक्षण देने में कभी किसी ने हिचक नहीं दिखाई, लेकिन जब बात बड़े स्तर की आती है तो राजनीति शुरू हो जाती है। उन्होंने कहा कि अब देश की महिलाएं पहले से ज्यादा जागरूक और मुखर हो चुकी हैं, इसलिए उन्हें निर्णय प्रक्रिया में शामिल करना जरूरी है।
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अखिलेश पर हल्का तंज
सदन में बोलते हुए पीएम मोदी ने अखिलेश यादव का जिक्र करते हुए कहा कि वे उनके मित्र हैं और कभी-कभी मदद कर देते हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वे खुद अति पिछड़े समाज से आते हैं और संविधान ने उन्हें सभी को साथ लेकर चलने की प्रेरणा दी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश की नारी शक्ति सरकार की नीयत को भी देखेगी।
ब्लैंक चेक वाला बयान चर्चा में
अपने भाषण के दौरान पीएम मोदी ने सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाला बयान दिया कि उन्हें किसी क्रेडिट की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर कोई इस फैसले का श्रेय लेना चाहता है तो वह लेने को तैयार हैं। उन्होंने यहां तक कहा कि वह विज्ञापन देकर सभी नेताओं की फोटो छपवाने को भी तैयार हैं। इसे उन्होंने “क्रेडिट का ब्लैंक चेक” बताया।
विकसित भारत की दिशा
पीएम मोदी ने कहा कि भारत 21वीं सदी में नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है और महिला आरक्षण इस यात्रा का अहम हिस्सा है। उनके अनुसार, विकसित भारत का मतलब सिर्फ आर्थिक प्रगति नहीं बल्कि समान भागीदारी भी है। उन्होंने सभी सांसदों से अपील की कि वे इस ऐतिहासिक अवसर को हाथ से न जाने दें और मिलकर देश के भविष्य को मजबूत करें।