प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम 2026 के प्रतिभागियों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने देशभर के युवाओं से विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया और सीमावर्ती गांवों से जुड़े अपने अनुभव साझा करने के लिए प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम में शामिल युवाओं ने भी राष्ट्र निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई और प्रधानमंत्री को भरोसा दिलाया कि देश के विकास के लक्ष्य को पूरा करने में युवा पूरी निष्ठा से योगदान देंगे।
देशभर के युवाओं से किया संवाद
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस कार्यक्रम में देश के करीब 250 जिलों के युवा शामिल हुए हैं, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने बताया कि कुछ वर्ष पहले शुरू किए गए 'मेरा युवा भारत' (MY Bharat) मंच से आज करोड़ों युवा जुड़े हैं और इसके स्वयंसेवक देशभर में विभिन्न सामाजिक और विकासात्मक गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा और भागीदारी विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत है।
गांवों को समझने पर दिया जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को सही मायनों में समझने के लिए गांवों तक पहुंचना और वहां के जीवन को करीब से देखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत युवा लीडर्स संवाद के दौरान भी उन्होंने युवाओं से केवल वर्चुअल माध्यम तक सीमित न रहकर जमीनी स्तर पर काम करने का आग्रह किया था। उनके अनुसार, गांवों में जाकर वहां की चुनौतियों, संभावनाओं और विकास की आकांक्षाओं को समझना ही राष्ट्र निर्माण की मजबूत नींव है।
VIDEO | Prime Minister Narendra Modi interacts with participants of the 'Viksit Village' programme 2026 through video conferencing.
— Press Trust of India (@PTI_News) July 26, 2026
Redefining Gen-Z for nation-building, Divyanshu Joshi, says, "Prime Minister, on behalf of all the MY Bharat volunteers, I assure you that Gen Z… pic.twitter.com/HaDXDkHm04
युवाओं ने बताई Gen-Z की नई परिभाषा
कार्यक्रम में शामिल युवा प्रतिनिधि दिव्यांशु जोशी ने प्रधानमंत्री को भरोसा दिलाया कि देश के युवा विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने के लिए पूरी तरह समर्पित हैं। उन्होंने कहा कि उनके लिए Gen-Z का अर्थ केवल एक पीढ़ी नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण, चरित्र निर्माण, सेवा, नवाचार और 'राष्ट्र सर्वोपरि' की भावना है। उन्होंने यह भी बताया कि सीमावर्ती गांवों के दौरों के दौरान युवाओं ने अपने अनुभव दर्ज किए हैं, जिन्हें जल्द ही एक विस्तृत रिपोर्ट के रूप में प्रधानमंत्री के साथ साझा किया जाएगा।
सीमावर्ती गांवों के विकास पर केंद्रित है कार्यक्रम
प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम का उद्देश्य सीमावर्ती गांवों को देश के पहले गांवों के रूप में विकसित करना और उन्हें विकसित भारत की यात्रा का सक्रिय भागीदार बनाना है। कार्यक्रम का आयोजन दो चरणों में 4 जून से 30 जून 2026 तक किया गया, जिसमें लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के 74 सीमावर्ती गांव शामिल हुए। तीन लाख से अधिक युवाओं में से 400 से ज्यादा प्रतिभागियों का चयन किया गया। कार्यक्रम के दौरान युवाओं ने स्वच्छता अभियान, सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता, वृक्षारोपण, सांस्कृतिक आदान-प्रदान, स्थानीय कारीगरों से संवाद और सामुदायिक गतिविधियों में हिस्सा लेकर सीमावर्ती क्षेत्रों के सामाजिक, सांस्कृतिक और विकासात्मक स्वरूप को करीब से समझने का अवसर प्राप्त किया।