Khameneis Funeral: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ईरान आने का औपचारिक निमंत्रण भेजा है। यह निमंत्रण ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार कार्यक्रम में शामिल होने के लिए दिया गया है। ईरान सरकार ने इस आयोजन को राष्ट्रीय महत्व का कार्यक्रम बताते हुए कई देशों के शीर्ष नेताओं और प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया है। कार्यक्रम को देश की एकता, संप्रभुता और वैश्विक संबंधों के प्रदर्शन के रूप में भी देखा जा रहा है।
4 जुलाई से शुरू होंगे अंतिम संस्कार कार्यक्रम
ईरान सरकार के अनुसार, अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रम 4 जुलाई 2026 से शुरू होंगे। उनका पार्थिव शरीर 4 और 5 जुलाई को तेहरान स्थित इमाम खुमैनी ग्रैंड मोसल्ला में आम लोगों के अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। इस दौरान देशभर से बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
तेहरान से मशहद तक होगा अंतिम सफर
6 जुलाई को तेहरान में भव्य अंतिम यात्रा निकाली जाएगी, जिसमें लाखों लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। इसके बाद 7 जुलाई को पवित्र शहर क़ोम में विशेष धार्मिक समारोह आयोजित किया जाएगा। अंतिम चरण में 9 जुलाई को खामेनेई को उनके गृहनगर मशहद में स्थित इमाम रज़ा दरगाह परिसर में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।
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बड़े स्तर पर तैयारियों में जुटा ईरान
ईरानी प्रशासन का अनुमान है कि पूरे कार्यक्रम के दौरान करीब दो करोड़ लोगों की भागीदारी हो सकती है। इसे देखते हुए सुरक्षा, परिवहन और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। सरकार राष्ट्रीय स्तर पर विशेष प्रबंध कर रही है और कई क्षेत्रों में सार्वजनिक सुविधाओं को भी मजबूत किया जा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति पर रहेगी नजर
ईरान इस आयोजन को 1989 में हुए अयातुल्ला रुहोल्लाह खुमैनी के अंतिम संस्कार के बाद सबसे बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम के रूप में प्रस्तुत करना चाहता है। दुनिया भर के नेताओं और प्रतिनिधिमंडलों को भेजे गए निमंत्रणों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजा गया आमंत्रण भी चर्चा का विषय बना हुआ है। अब इस बात पर नजर रहेगी कि भारत इस निमंत्रण पर क्या निर्णय लेता है।