इंडोनेशिया के योग्याकार्ता स्थित ऐतिहासिक प्रम्बानन मंदिर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भगवान शिव के प्रति अपनी आस्था साझा की। उन्होंने कहा कि उन्हें जीवन में बार-बार शिव जी से जुड़ने का अवसर मिलता है। पीएम ने कहा कि उनका जन्म गुजरात के वडनगर में हुआ, जहां हाटकेश्वर महादेव का प्रसिद्ध मंदिर है, जबकि काशी विश्वनाथ और सोमनाथ से भी उनका गहरा जुड़ाव रहा है।
भारत-इंडोनेशिया की सांस्कृतिक विरासत की तारीफ
प्रधानमंत्री ने कहा कि इंडोनेशिया की संस्कृति और यहां की परंपराओं में भारत जैसी खुशबू महसूस होती है। उन्होंने मंदिर परिसर और यहां की सांस्कृतिक धरोहर को संभालकर रखने के लिए इंडोनेशिया के लोगों और वहां की सरकार की सराहना की। पीएम ने कहा कि दोनों देशों के बीच सदियों पुराना सांस्कृतिक रिश्ता आज भी मजबूत है।
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2029 से पहले पूरा होगा पुनर्निर्माण
प्रधानमंत्री मोदी ने प्रम्बानन मंदिर के पुनर्निर्माण कार्य में भारत के सहयोग का भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास है कि यह काम 2029 से पहले पूरा हो जाएगा। साथ ही उन्होंने वादा किया कि पुनर्निर्माण पूरा होने के बाद वह फिर से इस मंदिर में आएंगे और इस ऐतिहासिक अवसर का हिस्सा बनेंगे।
भारतीय श्रद्धालुओं से भी की अपील
प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रम्बानन मंदिर यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है और दक्षिण-पूर्व एशिया की महत्वपूर्ण सांस्कृतिक पहचान है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अब बड़ी संख्या में भारतीय श्रद्धालु भी इस मंदिर के दर्शन के लिए आएंगे। पीएम ने बताया कि मंदिर में भगवान शिव, माता दुर्गा और भगवान गणेश की भव्य प्रतिमाएं स्थापित हैं और यहां महामृत्युंजय मंत्र की गूंज ने उन्हें भावुक कर दिया।