
100 years of RSS: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर दिल्ली के अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में विशेष कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आरएसएस के योगदान को दर्शाने वाला विशेष रूप से डिजाइन किया गया स्मारक डाक टिकट और सिक्का जारी किया। इस अवसर पर उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि संघ के स्वयंसेवकों ने सदैव राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा और कभी कटुता नहीं दिखाई, चाहे उन पर प्रतिबंध लगे हों या साजिशें रची गई हों।
पीएम मोदी का संबोधन और संदेश
पीएम मोदी ने कहा कि स्वतंत्र भारत के इतिहास में यह पहली बार है जब भारतीय मुद्रा पर भारत माता को दर्शाया गया है। उन्होंने संघ की विचारधारा और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि स्वयंसेवकों का मंत्र हमेशा यही रहा है कि जो अच्छा है और जो कम अच्छा है, सब हमारा है। इस मौके पर संघ के सर-कार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले भी मंच पर मौजूद रहे।+
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की 100 वर्षों की गौरवशाली यात्रा त्याग, निःस्वार्थ सेवा, राष्ट्र निर्माण और अनुशासन की अद्भुत मिसाल है। RSS के शताब्दी समारोह का हिस्सा बनकर अत्यंत गौरवान्वित अनुभव कर रहा हूं।
— Narendra Modi (@narendramodi) October 1, 2025
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आरएसएस की ऐतिहासिक यात्रा
गौरतलब है कि आरएसएस की स्थापना वर्ष 1925 में नागपुर में डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने की थी। संघ का उद्देश्य सांस्कृतिक जागरूकता, अनुशासन, सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी को बढ़ावा देना रहा है। प्रधानमंत्री मोदी स्वयं लंबे समय तक आरएसएस से जुड़े रहे हैं और प्रचारक के रूप में कार्य कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि संघ की 100 साल की यात्रा समाज को जोड़ने और राष्ट्र को सशक्त बनाने की कहानी है, जो आने वाले समय में और प्रेरणा देती रहेगी।