
PM Modi visit to China: भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसी महीने चीन का दौरा करने वाले हैं। हालांकि इस दौरे की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पीएम मोदी 31 अगस्त को चीन के तिआंजिन शहर में होने वाले शंघाई को-ऑपरेशन ऑर्गेनाइजेशन (SCO) सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। यह दौरा इस मायने में भी खास है क्योंकि करीब 7 साल बाद प्रधानमंत्री चीन जा रहे हैं। पिछली बार वह 2018 में एससीओ सम्मेलन में हिस्सा लेने गए थे। वहीं, 2020 में गलवान घाटी में भारत-चीन सैनिकों के बीच हुई झड़प के बाद दोनों देशों के रिश्तों में कड़वाहट आ गई थी, लेकिन अब इनमें कुछ सुधार देखा जा रहा है।
अमेरिकी दबाव के बीच मोदी का कूटनीतिक दांव
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर रूस से तेल न खरीदने को लेकर लगातार दबाव बनाया जा रहा है। ट्रंप ने भारत पर 25% सामान्य टैरिफ के साथ-साथ 25% अतिरिक्त टैरिफ लगाने की धमकी दी है। ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी का यह चीन दौरा अमेरिका को स्पष्ट संदेश देने वाला कदम माना जा रहा है। यह भारत की स्वतंत्र विदेश नीति और रणनीतिक संतुलन का प्रतीक है, जिससे यह साफ होता है कि भारत किसी एक ध्रुव की तरफ झुकने वाला देश नहीं है।
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चीन के साथ रिश्तों में नई शुरुआत की उम्मीद
पीएम मोदी के इस दौरे के दौरान चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से उनकी मुलाकात हो सकती है। दोनों नेताओं के बीच एससीओ से जुड़े मुद्दों के अलावा, भारत-चीन द्विपक्षीय संबंधों, सीमा विवाद, व्यापार बढ़ाने और क्षेत्रीय शांति पर बातचीत संभव है। ऐसे समय में जब दुनिया दो आर्थिक महाशक्तियों – अमेरिका और चीन – के बीच खिंचाव देख रही है, भारत की भूमिका संतुलन साधने वाले देश के रूप में उभर रही है। पीएम मोदी का यह कदम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की स्थिति को और मजबूत कर सकता है।