Middle East Crisis: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज दोपहर 2 बजे लोकसभा में मिडिल ईस्ट के मौजूदा हालात पर बयान देंगे। बढ़ते क्षेत्रीय तनाव और वैश्विक असर के बीच यह संबोधन बेहद अहम माना जा रहा है। इसको लेकर सत्तारूढ़ दल ने अपने सभी सांसदों को सदन में मौजूद रहने के निर्देश दिए हैं।
बढ़ते तनाव के बीच अहम संबोधन
मिडिल ईस्ट में हाल के दिनों में हालात तेजी से बिगड़े हैं, जिससे वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ी है। Strait of Hormuz जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में बाधा आने से तेल आपूर्ति और व्यापार प्रभावित हो रहा है। ऐसे में प्रधानमंत्री का यह भाषण भारत के आधिकारिक रुख को स्पष्ट करने वाला माना जा रहा है।
भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर फोकस
खाड़ी देशों में मौजूद भारतीयों की सुरक्षा भी सरकार के लिए बड़ी प्राथमिकता बनी हुई है। कई भारतीय नागरिक अभी भी संवेदनशील इलाकों में फंसे हैं, जिन्हें सुरक्षित निकालने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। उम्मीद है कि प्रधानमंत्री अपने संबोधन में इन प्रयासों की जानकारी देंगे।
.
यह भी देखेंः1500 Bangladeshis deported: दिल्ली में अवैध प्रवासियों पर सख्ती, 1500 से ज्यादा बांग्लादेशी किए गए डिपोर्ट
ऊर्जा और आपूर्ति को लेकर समीक्षा बैठक
इससे पहले प्रधानमंत्री ने उच्च-स्तरीय बैठक कर पेट्रोलियम, गैस, बिजली और उर्वरक जैसे अहम क्षेत्रों की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने साफ निर्देश दिए कि देश में किसी भी तरह की जमाखोरी या कालाबाजारी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुचारु बनी रहनी चाहिए।
विपक्ष के सवालों का भी देंगे जवाब
हाल ही में Middle East में बढ़ते संघर्ष को लेकर विपक्ष लगातार सरकार से जवाब मांग रहा है। ऐसे में माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री अपने भाषण में ऊर्जा संकट, आपूर्ति और विदेश नीति से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष के आरोपों का भी जवाब देंगे।