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Mann Ki Baat: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम मन की बात के 125वें एपिसोड में देशवासियों को संबोधित किया और ‘वोकल फॉर लोकल’ का संदेश दिया। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि स्वदेशी उत्पादों के उपयोग को जीवन का हिस्सा बनाएं और गर्व से कहें कि यह स्वदेशी है। पीएम मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत हाल के दिनों में आई बाढ़ और भूस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाओं का जिक्र करते हुए की। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं ने हर हिंदुस्तानी को दुखी किया है। इस आपदा के दौरान जिन्होंने मदद का हाथ बढ़ाया, चाहे सेना हो, NDRF-SDRF टीमें, डॉक्टर, प्रशासन या आम लोग — सभी ने मानवीयता की मिसाल पेश की।
जम्मू-कश्मीर की उपलब्धियों और नई पहल का जिक्र
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में जम्मू-कश्मीर की उपलब्धियों को भी सामने रखा। उन्होंने पुलवामा में हुए पहले डे-नाइट क्रिकेट मैच का उल्लेख करते हुए कहा कि अब घाटी में माहौल तेजी से बदल रहा है। इसके साथ ही श्रीनगर की डल झील पर आयोजित पहले खेलो इंडिया वॉटर स्पोर्ट्स फेस्टिवल को ऐतिहासिक बताया, जिसमें देशभर से 800 से अधिक खिलाड़ियों ने भाग लिया। प्रधानमंत्री ने ‘प्रतिभा सेतु’ नामक डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी जिक्र किया। इस पोर्टल के माध्यम से उन होनहार विद्यार्थियों को अवसर मिल रहा है, जो UPSC जैसी परीक्षाओं के अंतिम चरण तक पहुंचे लेकिन चयन सूची में शामिल नहीं हो पाए। उन्होंने बताया कि इस पोर्टल पर दस हजार से ज्यादा प्रतिभाशाली युवाओं का डेटा उपलब्ध है, जिनमें से सैकड़ों को निजी कंपनियों में रोजगार भी मिल चुका है।
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त्योहारों में स्वदेशी को बढ़ावा देने की अपील
अपने संदेश के अंतिम चरण में पीएम मोदी ने कहा कि आने वाले त्योहारों में सभी को स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उपहार वही दें जो भारत में बने हों, पहनावा वही अपनाएं जो भारतीय कारीगरों द्वारा बुना गया हो, घरों की सजावट और रोशनी भी देशी उत्पादों से करें। पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि “एक ही मंत्र है — वोकल फॉर लोकल, एक ही रास्ता — आत्मनिर्भर भारत और एक ही लक्ष्य — विकसित भारत।” उन्होंने देशवासियों से आग्रह किया कि हर खरीदारी और हर जरूरत में स्वदेशी को प्राथमिकता दें और गर्व से कहें — “ये स्वदेशी है।”