PM Modi Seychelles Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 से 29 जून 2026 तक सेशेल्स की राजकीय यात्रा पर रहेंगे। सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के निमंत्रण पर पीएम मोदी देश के राष्ट्रीय दिवस के स्वर्ण जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस दौरे को हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक मौजूदगी को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। साथ ही, यह यात्रा भारत और सेशेल्स के बीच लंबे समय से चले आ रहे मैत्रीपूर्ण संबंधों को नई गति देने का अवसर भी बनेगी।
राष्ट्रीय दिवस समारोह में होगी विशेष भागीदारी
विदेश मंत्रालय के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी इससे पहले वर्ष 2015 में सेशेल्स की यात्रा कर चुके हैं। इस बार राष्ट्रीय दिवस समारोह में भारतीय सशस्त्र बलों का एक दल और भारतीय नौसेना के दो युद्धपोत भी हिस्सा लेंगे। समारोह में भारत की मौजूदगी दोनों देशों के मजबूत रक्षा और सुरक्षा सहयोग को प्रदर्शित करेगी। यह कार्यक्रम हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की सक्रिय भूमिका को भी रेखांकित करेगा।
द्विपक्षीय संबंधों पर होगी व्यापक चर्चा
यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति डॉ. हर्मिनी के बीच विस्तृत वार्ता होगी। दोनों नेता व्यापार, सुरक्षा, समुद्री सहयोग, विकास साझेदारी और क्षमता निर्माण जैसे विषयों पर चर्चा करेंगे। इसके अलावा क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया जाएगा। प्रधानमंत्री सेशेल्स की नेशनल असेंबली को संबोधित करेंगे और वहां रह रहे भारतीय समुदाय के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात करेंगे।
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हिंद महासागर में बढ़ रहा रणनीतिक महत्व
सेशेल्स भले ही क्षेत्रफल और आबादी के लिहाज से छोटा देश हो, लेकिन इसकी भौगोलिक स्थिति इसे बेहद महत्वपूर्ण बनाती है। यह देश हिंद महासागर के प्रमुख समुद्री व्यापार मार्गों के निकट स्थित है, जहां से वैश्विक व्यापार का बड़ा हिस्सा गुजरता है। समुद्री सुरक्षा, नौवहन और क्षेत्रीय स्थिरता के लिहाज से सेशेल्स भारत के लिए एक महत्वपूर्ण साझेदार माना जाता है। इसी कारण भारत लगातार इस द्वीपीय राष्ट्र के साथ अपने संबंधों को मजबूत करने पर जोर देता रहा है।
क्षेत्रीय संतुलन में अहम मानी जा रही यात्रा
पिछले कुछ वर्षों में हिंद महासागर क्षेत्र के कई देशों में चीन ने निवेश और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के जरिए अपनी उपस्थिति बढ़ाने की कोशिश की है। ऐसे में भारत भी अपने पारंपरिक साझेदार देशों के साथ सहयोग को और मजबूत कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि पीएम मोदी की यह यात्रा क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने, समुद्री सुरक्षा सहयोग बढ़ाने और हिंद महासागर में भारत की रणनीतिक भूमिका को और सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।