NEET UG 2026: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा 'नीट 2026' का पेपर देश भर में बिक रहा था। लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि परीक्षा कराने वाली एजेंसी एनटीए और सुरक्षा एजेंसियों को इसकी भनक तक नहीं थी। राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) और केंद्रीय जांच एजेंसियों ने मिलकर छात्रों के मोबाइल फोन की जांच की, जिसके बाद व्हाट्सएप और टेलीग्राम ग्रुप्स से इस पूरी साजिश का पर्दाफाश हुआ।
व्हाट्सएप और टेलीग्राम ग्रुप से मिले गेस पेपर
आपको बता दें कि मामले की शुरुआत 8 मई की रात को हुई, जब सेंट्रल आईबी (IB) से राजस्थान पुलिस को एक गुप्त शिकायत मिली। रात के करीब 9 बजे जयपुर में जांच अधिकारियों की बैठक हुई और 100 पुलिसकर्मियों की एक टीम ने सीकर के पीपराली इलाके के हॉस्टलों में छापेमारी शुरू कर दी। हॉस्टलों में बच्चों के मोबाइल में कोचिंग और कॉलेज के व्हाट्सएप ग्रुप और टेलीग्राम ग्रुप में वही गेस पेपर था, जिससे नीट में सवाल पूछे गए थे।
'पैसे में मत पड़ 2027 में तुझे और पैसे कमवा दूंगा'
जांच के दौरान पुलिस रात के 3 बजे अमित मीणा नाम के एक छात्र तक पहुंची। पूछताछ के दौरान ही अमित के फोन पर 'ऋषि' नाम के एक लड़के का फोन आया। पुलिस ने उससे फोन उठाने को कहा, फोन पर ऋषि ने कहा कि पैसे का क्या हुआ? अब तक पैसे नहीं दिए? फोन क्यों नहीं उठा रहा था। आगे ऋषि ने कहा कि पैसे में मत पड़ 2027 में तुझे और पैसे कमवा दूंगा। एसओजी ने अमित मीणा से कहा कि ऋषि को बुलाओ लेकिन ऋषि को कुछ अंदेशा हो गया और उसने फोन बंद कर दिया। अमित ने बताया कि उसने ऋषि से 5 लाख रुपये में यह पेपर खरीदा था।
'2025 में उससे कहा था कि मेरे पास पेपर आएगा'
अमित ने पुलिस को बताया कि ऋषि ने पिछली बार भी 2025 में उससे कहा था कि मेरे पास पेपर आएगा तुम पैसे का इंतजाम रखना, लेकिन उसे भरोसा नहीं हुआ था। लेकिन परीक्षा के बाद उसने कहा कि देखो मेरे घर के पांच लोग नीट में पास हो गए। उसके बाद हमने इस साल इसके साथ एक महीने पहले ही सौंदा कर लिया था।
पेपर लीक का नेटवर्क
अमित मीणा ने ऋषि से पेपर लिया। ऋषि को यह पेपर उसके पिता दिनेश बिवाल से मिला। जयपुर पुलिस ने जमवारामगढ़ से सुबह चार बजे दिनेश बिवाल को पकड़ा तो उसने पेपर अपने भाई मांगीलाल बिवाल से मिलने की बात बताई। मांगीलाल ने पेपर अपने बेटे सवाई माधोपुर से एमबीबीएस कर रहे विकार बिवाल से मिलने की बात बताई। विकास ने ही फिर गुरुग्राम के यश यादव और नासिक के शुभम खैरनार का नाम बताया।
पीजी चलाने वाले अपने पिता को भेजा
आपको बता दें कि सीकर से एक छात्र ने अपने दोस्त को ये पेपर चुरू भेजा था। वहां से यह पेपर केरल में MBBS कर रहे एक छात्र के पास भेजा गया था यह कहकर कि नीट परीक्षा में यही आएगा। उसने 2 मई की रात को यह पेपर सीकर में लड़कियों का पीजी (PG) हॉस्टल चलाने वाले अपने पिता को भेजा। पिता ने सुबह यह पेपर हॉस्टल की लड़कियों को दे दिया। परीक्षा देने के बाद लड़कियों ने आकर बताया कि सारे सवाल इसी पेपर से आए थे।
डर और कोचिंग की लड़ाई से सामने आया मामला
यह सुनकर सरकारी कर्मचारी हैं डर गए और उन्होंने यह पेपर 'गुरु कृपा' कोचिंग के एक केमिस्ट्री टीचर को दिखाया। जब टीचर ने इसे कोचिंग के मालिक को दिखाया। पहले से ही कोचिंग प्रतिस्पर्धा में रहने वाले कोचिंग मालिक ने सरकारी कर्मचारी को कहा कि मामला खुला तो आप की नौकरी और बेटे का एमबीबीएस भी जाएगा। यह कहकर उद्योग नगर थाने भेजा। वहां थोड़ी देर में आने को कहकर चले गए लेकिन आए नहीं। इसके बाद आखिरकार, 7 मई को कोचिंग के टीचर की तरफ से NTA को इसकी शिकायत भेजी गई, जिसके बाद यह बड़ी कार्रवाई शुरू हुई।