Epstein Files: संसद में कथित एपस्टीन फाइल्स का मुद्दा उठाए जाने के बाद केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बिना पूरी जानकारी के आरोप लगाना उचित नहीं है। पुरी के अनुसार, सार्वजनिक दस्तावेज़ों में नाम आने का मतलब किसी तरह की संलिप्तता नहीं होता और तथ्यों को समझकर ही बहस की जानी चाहिए।
आरोपों को बताया निराधार
पुरी ने कहा कि लाखों पन्नों के दस्तावेज़ों में कुछ ईमेल का संदर्भ सामने आया था, जिसे लेकर अनावश्यक विवाद खड़ा किया गया। उनका कहना था कि यदि संबंधित नोट्स और स्पष्टीकरण पढ़े जाते तो संसद में इस तरह की टिप्पणी नहीं की जाती।
बहस की शैली पर आपत्ति
केंद्रीय मंत्री ने विपक्ष के नेता की राजनीतिक शैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि गंभीर मुद्दों पर संकेतों या आरोपों के जरिए राजनीति करने के बजाय तथ्यों के आधार पर चर्चा होनी चाहिए। संसद को उन्होंने जिम्मेदार संवाद का मंच बताया।
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मंत्री की सलाह
पुरी ने कहा कि यदि कोई मुद्दा उठाया जाता है तो पहले गहन अध्ययन जरूरी है और दूसरे पक्ष को भी अपनी बात रखने का मौका मिलना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना पूरी तैयारी के बयान देना स्वस्थ लोकतांत्रिक परंपरा के अनुरूप नहीं है।
सरकार का बचाव
ट्रेड डील और प्रधानमंत्री पर लगाए गए आरोपों का जिक्र करते हुए मंत्री ने सरकार की नीतियों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की स्थिति मजबूत हुई है और विकास से जुड़े प्रयासों को राजनीतिक रंग देना उचित नहीं है।