Bengal elections: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस को एक बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। पार्टी की राज्यसभा सांसद मौसम बेनजीर नूर ने तृणमूल कांग्रेस छोड़कर एक बार फिर कांग्रेस का दामन थाम लिया है। शनिवार को दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में उन्होंने औपचारिक रूप से कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। मौसम नूर करीब सात साल पहले कांग्रेस से अलग होकर तृणमूल में शामिल हुई थीं। उनकी वापसी को कांग्रेस ने ‘घर वापसी’ करार देते हुए इसे संगठन के लिए सकारात्मक संकेत बताया है।
इस्तीफे का ऐलान
कांग्रेस में शामिल होने के दौरान वरिष्ठ नेता जयराम रमेश, बंगाल कांग्रेस के पर्यवेक्षक गुलाम अहमद मीर, प्रदेश अध्यक्ष शुभंकर सरकार और उनके भाई व सांसद ईशा खान चौधरी भी मौजूद रहे। कांग्रेस में शामिल होने के बाद मौसम नूर ने कहा कि उन्होंने तृणमूल प्रमुख ममता बनर्जी को अपना इस्तीफा भेज दिया है और वह राज्यसभा सांसद पद से भी इस्तीफा देंगी। उन्होंने बताया कि सोमवार को वह राज्यसभा सभापति कार्यालय में औपचारिक रूप से अपना त्यागपत्र सौंपेंगी। राज्यसभा में उनका कार्यकाल अभी कुछ महीनों का शेष था, लेकिन उससे पहले ही उन्होंने पार्टी बदलने का फैसला किया।
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कांग्रेस ने साधा निशाना
मौसम नूर ने कहा कि वह अपने परिवार की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ा रही हैं और आपसी चर्चा के बाद कांग्रेस में लौटने का निर्णय लिया गया। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस या ममता बनर्जी के खिलाफ कोई नकारात्मक टिप्पणी नहीं की और कहा कि तृणमूल ने उन्हें काम करने का अवसर दिया। वहीं, जयराम रमेश ने तंज कसते हुए कहा कि कुछ लोगों को अब इंडिया गठबंधन की याद आ रही है। कांग्रेस नेताओं का मानना है कि मौसम नूर की वापसी से बंगाल में पार्टी को नई मजबूती मिलेगी और यह संकेत है कि राज्य की राजनीति में कांग्रेस अभी भी प्रासंगिक भूमिका निभाने के लिए तैयार है।