Political Turmoil: केंद्रीय बजट 2026 पेश होने से पहले ही देश की राजनीति गर्मा गई। संसद परिसर में सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आईं, जिनमें किसी ने निराशा जताई तो किसी ने बजट को ऐतिहासिक बताया। बजट से पहले कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी का बयान सबसे ज्यादा चर्चा में रहा, जिसमें उन्होंने साफ कहा कि उन्हें इस बजट से कोई उम्मीद नहीं है।
प्रियंका गांधी का बयान
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा कि मौजूदा हालात में सरकार से किसी बड़े राहत की उम्मीद नहीं की जा सकती। इसी तरह समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने बजट को लेकर सरकार पर हमला बोला और इसे आम जनता के बजाय सीमित वर्ग के हित में बताया। सपा सांसद रामगोपाल यादव ने भी कहा कि उन्हें इस बजट से किसी सकारात्मक बदलाव की आशा नहीं है।
रोजगार-आर्थिक मुद्दे उठे
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने बजट से पहले कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था में लंबे समय से कई ढांचागत समस्याएं बनी हुई हैं। उन्होंने निजी निवेश और विदेशी निवेश में कमी का जिक्र करते हुए सरकार से ठोस समाधान की उम्मीद जताई। वहीं आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने सरकार से रोजगार, महंगाई और किसानों से जुड़े पुराने वादों पर जवाब मांगा और कहा कि आज इन्हीं मुद्दों पर देश की नजरें टिकी हैं।
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विकसित भारत का दावा
विपक्ष की आलोचना के बीच केंद्र सरकार के मंत्रियों ने बजट को लेकर भरोसा जताया। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि पिछले 11 सालों से सरकार का लक्ष्य भारत को विकसित बनाना रहा है और यह बजट उसी दिशा में एक और कदम होगा। उन्होंने लोगों से सरकार पर विश्वास रखने की अपील की।
सरकार का संदेश
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने बजट को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह विकसित भारत की ओर तेजी से बढ़ता कदम होगा। वहीं शिवराज सिंह चौहान ने इसे आत्मनिर्भर और सशक्त भारत का बजट करार दिया। बजट से पहले आए इन बयानों ने साफ कर दिया कि संसद में आज सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिल सकती है।