Fake Video Controversy: पंजाब में कथित फर्जी वीडियो को लेकर राजनीतिक विवाद गहराता जा रहा है। आम आदमी पार्टी ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए डीजीपी से मुलाकात की है। पार्टी का आरोप है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की छवि खराब करने के उद्देश्य से वीडियो तैयार कर उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया। मामले को लेकर राज्य की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।
DGP को सौंपी गई जांच की जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पूरे मामले की जांच राज्य के DGP को सौंप दी गई है। उन्होंने कहा कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि संबंधित वीडियो में वह मौजूद नहीं हैं और इसकी सत्यता की जांच कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियों को सभी आवश्यक दस्तावेज और रिपोर्ट उपलब्ध करा दी गई हैं।
विपक्ष पर लगाया साजिश का आरोप
भगवंत मान ने भाजपा, शिरोमणि अकाली दल और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि चुनावी माहौल को देखते हुए उन्हें बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और फैसलों से राजनीतिक विरोधी असहज हैं। मुख्यमंत्री का दावा है कि इसी वजह से उनके खिलाफ भ्रामक सामग्री फैलाने का प्रयास किया जा रहा है।
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वीडियो को लेकर उठाए सवाल
मुख्यमंत्री ने कहा कि वीडियो की परिस्थितियां कई सवाल खड़े करती हैं। उन्होंने दावा किया कि यह वीडियो किसी होटल के कमरे में रिकॉर्ड किया गया प्रतीत होता है और इसकी प्रामाणिकता की गहन जांच होनी चाहिए। उन्होंने पुलिस से कहा है कि वीडियो तैयार करने और प्रसारित करने वाले लोगों की पहचान कर उन्हें सार्वजनिक रूप से सामने लाया जाए ताकि पूरे मामले की सच्चाई स्पष्ट हो सके।
धर्म और राजनीति को लेकर भी दी प्रतिक्रिया
भगवंत मान ने कहा कि वह धार्मिक संस्थाओं और परंपराओं का सम्मान करते हैं तथा उनका उद्देश्य हमेशा जनता के हित में काम करना रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक लाभ के लिए धार्मिक भावनाओं का इस्तेमाल किया जा रहा है। वहीं आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी कहा कि मुख्यमंत्री की छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।