Politics intensifies over SIR: उत्तर प्रदेश में फाइनल वोटर लिस्ट जारी होते ही राजनीतिक माहौल गरमा गया है। अखिलेश यादव ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए चुनाव आयोग और बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया के जरिए जानबूझकर वोटर लिस्ट में गड़बड़ी की गई है।
चुनाव आयोग पर लगाए गंभीर आरोप
अखिलेश यादव ने दावा किया कि SIR प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां हुईं। उनके मुताबिक, बीजेपी के इशारे पर फर्जी दस्तखत कर समाजवादी पार्टी के समर्थकों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग निष्पक्ष तरीके से काम नहीं कर रहा है।
सपा ने सौंपा ज्ञापन
समाजवादी पार्टी ने प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिंवा को ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि बूथवार और विधानसभा क्षेत्रवार पूरी जानकारी उपलब्ध कराई जाए। पार्टी ने कटे हुए नामों, डुप्लीकेट वोटरों और संशोधित प्रविष्टियों का पूरा विवरण सार्वजनिक करने की मांग की है।
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वोटर लिस्ट में बड़े बदलाव के आंकड़े
राज्य में SIR प्रक्रिया के बाद कुल मतदाताओं की संख्या करीब 13.39 करोड़ बताई गई है। नवदीप रिंवा के अनुसार, जहां 84 लाख से ज्यादा नए मतदाता जुड़े हैं, वहीं लगभग 2.06 करोड़ नाम सूची से हटाए गए हैं। यह अभियान करीब 166 दिनों तक चला।
सपा का बड़ा दावा
अखिलेश यादव ने कहा कि इन सबके बावजूद जनता बीजेपी को सबक सिखाएगी। उन्होंने दावा किया कि जैसे लोकसभा चुनाव में बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा, वैसे ही 2027 के विधानसभा चुनाव में भी उसे हार मिलेगी।