Politics intensifies over SIR: असदुद्दीन ओवैसी ने SIR प्रक्रिया को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि भाजपा इस प्रक्रिया के जरिए लोगों की नागरिकता पर असर डालने की कोशिश कर रही है। हैदराबाद में पार्टी के 68वें पुनरुत्थान दिवस पर आयोजित सभा में उन्होंने कहा कि बिहार के बाद अब अन्य राज्यों में भी इसे लागू किए जाने की तैयारी है।
वोटर लिस्ट पर चिंता
ओवैसी का कहना है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के नाम पर असली नागरिकों, खासकर अल्पसंख्यक और दलित समुदाय के लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए जा सकते हैं। उन्होंने आशंका जताई कि यदि नाम सूची से हटता है तो नागरिकता पर भी सवाल खड़े हो सकते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि सत्यापन के दौरान अपने दस्तावेज तैयार रखें और सुनिश्चित करें कि उनका नाम मतदाता सूची में दर्ज रहे।
राज्यों में विस्तार
ओवैसी ने दावा किया कि यह प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से विभिन्न राज्यों में लागू की जा सकती है। उन्होंने कहा कि चुनाव अधिकारियों के अनुसार कुछ राज्यों में इसकी घोषणा निकट भविष्य में संभव है। उनके मुताबिक, पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना जरूरी है ताकि किसी भी नागरिक के अधिकार प्रभावित न हों।
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सख्त कार्रवाई की मांग
हाल ही में तेलंगाना के मेडाराम उत्सव में एक मुस्लिम विक्रेता के साथ कथित बदसलूकी के मामले पर भी ओवैसी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने सांप्रदायिक टिप्पणी कर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। इस मामले में उन्होंने पुलिस से कड़ी कार्रवाई की मांग की और कहा कि नफरत फैलाने वाली गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।