देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी के बाद आम लोगों की परेशानी बढ़ गई है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का असर अब सीधे भारतीय बाजार पर दिखने लगा है। सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के दाम 3-3 रुपये प्रति लीटर बढ़ा दिए हैं, जिसके बाद कई शहरों में ईंधन की कीमतें फिर चर्चा का विषय बन गई हैं।
यहां सबसे सस्ता ईंधन
महंगाई के इस दौर में एक ऐसा शहर भी है जहां पेट्रोल और डीजल देश के बड़े शहरों की तुलना में काफी सस्ता मिल रहा है। यह शहर है पोर्ट ब्लेयर। अंडमान और निकोबार की राजधानी पोर्ट ब्लेयर में पेट्रोल और डीजल की कीमतें देश के अन्य बड़े शहरों के मुकाबले 10 से 15 रुपये तक कम बताई जा रही हैं। यही वजह है कि यह शहर अब चर्चा में बना हुआ है।
टैक्स बना बड़ी वजह
पोर्ट ब्लेयर में ईंधन सस्ता होने के पीछे सबसे बड़ा कारण वहां लगने वाला कम वैट और स्थानीय टैक्स माना जा रहा है। कई राज्यों में पेट्रोल और डीजल पर भारी टैक्स लगाया जाता है, जिससे अंतिम कीमत काफी बढ़ जाती है। वहीं पोर्ट ब्लेयर में टैक्स कम होने के कारण लोगों को बड़ी राहत मिलती है और ईंधन के दाम नियंत्रित रहते हैं।
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कितना है अंतर
रिपोर्ट के अनुसार जहां मुंबई और बेंगलुरु जैसे शहरों में पेट्रोल की कीमत 100 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंच गई है, वहीं पोर्ट ब्लेयर में पेट्रोल लगभग 84.99 रुपये प्रति लीटर बताया जा रहा है। इसी तरह डीजल की कीमत भी यहां लगभग 80.64 रुपये है। यानी कई शहरों के मुकाबले यहां ईंधन काफी सस्ता है।
हर शहर में अलग कीमत क्यों
देशभर में पेट्रोल और डीजल की मूल कीमत लगभग समान रहती है, लेकिन राज्यों के टैक्स, वैट और परिवहन खर्च के कारण अंतिम कीमत बदल जाती है। जिन राज्यों में कर ज्यादा होते हैं, वहां ईंधन महंगा हो जाता है। जबकि कम टैक्स वाले क्षेत्रों में लोगों को राहत मिलती है। यही वजह है कि अलग-अलग शहरों में कीमतों में बड़ा अंतर दिखाई देता है।
महंगाई पर पड़ सकता असर
ईंधन की कीमतें बढ़ने का असर सिर्फ वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहता। ट्रांसपोर्ट महंगा होने से सब्जियां, राशन और रोजमर्रा के सामान की कीमतें भी बढ़ सकती हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें और बढ़ती रहीं, तो आने वाले दिनों में महंगाई लोगों की मुश्किलें और बढ़ा सकती है।