
Modi-Trump meeting: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस महीने के अंत तक आमने-सामने बैठकर बातचीत कर सकते हैं। संभावना है कि दोनों नेता मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर में होने वाले 47वें आसियान शिखर सम्मेलन से इतर मुलाकात करें। प्रधानमंत्री मोदी 26-27 अक्टूबर को इस सम्मेलन में शामिल होंगे, वहीं ट्रंप को भी इसमें आमंत्रित किया गया है। ऐसे में दोनों नेताओं की मुलाकात की संभावना प्रबल हो गई है, खासकर मौजूदा व्यापार और वीजा विवादों के मद्देनज़र।
टैरिफ और वीजा पर हो सकती है बड़ी चर्चा
अगर ट्रंप इस बैठक में शामिल होते हैं तो यह मुलाकात 50% टैरिफ लागू होने के बाद दोनों नेताओं के बीच पहली होगी। इससे पहले, जून 2025 में कनाडा में हुए जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों की भेंट नहीं हो पाई थी। इस बार उम्मीद है कि मोदी और ट्रंप वीजा नियमों में सख्ती और आयात शुल्क बढ़ोतरी जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा कर सकते हैं। कूटनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि यह मुलाकात दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों को नई दिशा दे सकती है।
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रूसी तेल को लेकर भी है विवाद
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत के रूस से कच्चे तेल खरीदने को लेकर भी असहमति जता चुके हैं। उनका कहना है कि इससे मास्को पर वैश्विक दबाव कम होता है और यूक्रेन युद्ध समाप्त करने के प्रयास कमजोर होते हैं। हालांकि, भारत ने हमेशा यह साफ किया है कि उसकी ऊर्जा नीति पूरी तरह राष्ट्रीय हितों पर आधारित है। अब देखना होगा कि कुआलालंपुर में होने वाली संभावित मुलाकात से दोनों देशों के बीच तनाव कम होता है या फिर मतभेद और गहराते हैं।