Preparation for Census 2027: उत्तर प्रदेश में जनगणना 2027 को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। पहले चरण में मकानों की सूचीकरण और आवासीय गणना का कार्य किया जाएगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार स्व-गणना की प्रक्रिया 7 मई से 21 मई तक चलेगी। इसके बाद 22 मई से 20 जून तक अधिकारी घर-घर जाकर फील्ड सर्वे पूरा करेंगे। पूरी प्रक्रिया को तय समयसीमा में संपन्न कराने के लिए प्रशासनिक स्तर पर विशेष तैयारी की जा रही है।
स्व-गणना, घर-घर सर्वे
पहले चरण में नागरिकों को स्वयं अपनी जानकारी दर्ज करने का अवसर दिया जाएगा। इसके बाद नियुक्त कर्मचारी घर-घर जाकर आंकड़ों का सत्यापन करेंगे। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि कार्य पारदर्शी और त्रुटिरहित तरीके से पूरा किया जाए।
डिजिटल व्यवस्था, ऑनलाइन निगरानी
इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से की जाएगी। डेटा संग्रह, प्रविष्टि और निगरानी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए होगी। राज्य स्तर पर एक नोडल कार्यालय स्थापित किया जाएगा, जो पूरी प्रक्रिया पर नजर रखेगा और समय-समय पर प्रगति की समीक्षा करेगा।
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छह लाख कर्मचारी, मोबाइल ऐप की सुविधा
राज्य में इस विशाल कार्य के लिए छह लाख से अधिक कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। पहली बार नागरिकों को मोबाइल ऐप के माध्यम से स्वयं गणना करने का विकल्प भी मिलेगा। इससे डेटा संग्रह की प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित और तेज होने की उम्मीद है।
प्रशासनिक रोक, नई इकाइयों के गठन पर विराम
जनगणना को प्रभावित होने से बचाने के लिए 1 जनवरी 2026 से 31 मार्च 2027 तक नई तहसीलों, शहरी निकायों और ग्राम पंचायतों के गठन पर रोक रहेगी। यह कदम सुनिश्चित करेगा कि आंकड़ों में किसी प्रकार का बदलाव न हो और प्रक्रिया सुचारु रूप से पूरी हो सके।