Reshuffle in the Modi Cabinet: केंद्र सरकार के संभावित मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हैं। माना जा रहा है कि संसद के मानसून सत्र से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी तीसरी सरकार का पहला बड़ा कैबिनेट विस्तार कर सकते हैं। चर्चा है कि इस फेरबदल में कुछ नए चेहरों को मौका मिलेगा, जबकि कुछ मौजूदा मंत्रियों की जिम्मेदारियों में बदलाव या विदाई भी हो सकती है। हालांकि सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
सामाजिक संतुलन और प्रदर्शन पर रहेगा जोर
सूत्रों के अनुसार संभावित विस्तार में पिछड़ा वर्ग, महिलाओं और युवाओं को अधिक प्रतिनिधित्व देने पर विशेष ध्यान दिया जा सकता है। इसके साथ ही आगामी विधानसभा चुनाव वाले राज्यों की सामाजिक और राजनीतिक परिस्थितियों को भी ध्यान में रखा जाएगा। माना जा रहा है कि मंत्रियों के प्रदर्शन और संगठन की जरूरतों के आधार पर भी फैसले लिए जाएंगे।
कुछ पद पहले से हो सकते हैं खाली
कई मंत्रियों की नई संगठनात्मक जिम्मेदारियों और अन्य कारणों से कुछ पद खाली होने की संभावना जताई जा रही है। उत्तर प्रदेश भाजपा की कमान संभालने के बाद पंकज चौधरी के मंत्री पद छोड़ने की चर्चा है। इसी तरह दिल्ली भाजपा अध्यक्ष बनने के बाद हर्ष मल्होत्रा के भी संगठन पर पूरा ध्यान देने की संभावना है। वहीं, राज्यसभा कार्यकाल समाप्त होने के बाद रवनीत सिंह बिट्टू की भूमिका में भी बदलाव की अटकलें लगाई जा रही हैं।
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बैठकों और कार्यक्रमों के बीच तय होगा समय
प्रधानमंत्री ने विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के सचिवों की बैठक बुलाकर सुधारों, 'ईज़ ऑफ़ लिविंग' और 'ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस' जैसे विषयों पर समीक्षा की तैयारी की है। इसी बीच राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के प्रस्तावित विदेशी एवं घरेलू दौरों के कारण मंत्रिमंडल विस्तार की संभावित तारीखों पर भी चर्चा हो रही है। माना जा रहा है कि 11 जुलाई के बाद या फिर मानसून सत्र शुरू होने से पहले विस्तार किया जा सकता है।
मानसून सत्र से पहले हो सकता है बड़ा फैसला
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि विस्तार होता है तो यह संसद के मानसून सत्र से पहले ही हो सकता है, ताकि नई टीम के साथ सरकार सत्र में उतर सके। वर्ष 2021 में भी मानसून सत्र से ठीक पहले मंत्रिमंडल में बड़ा फेरबदल किया गया था। इस बार भी ऐसी संभावना जताई जा रही है, हालांकि अंतिम फैसला प्रधानमंत्री और पार्टी नेतृत्व की रणनीति पर निर्भर करेगा।