महाराष्ट्र से जुड़े एक बताए जा रहे प्राइवेट विमान हादसे के बाद लोगों के मन में कई सवाल उठने लगे हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या प्राइवेट प्लेन में सफर करने वाले यात्रियों को भी इंश्योरेंस कवर मिलता है या नहीं। आम तौर पर लोग कमर्शियल फ्लाइट के इंश्योरेंस के बारे में जानते हैं लेकिन प्राइवेट प्लेन को लेकर जानकारी कम होती है। इसी वजह से यह विषय चर्चा में आ गया है।
क्या प्राइवेट प्लेन के यात्रियों का होता है इंश्योरेंस
प्राइवेट प्लेन में सफर करने वाले यात्रियों का भी इंश्योरेंस होता है लेकिन यह सामान्य फ्लाइट से अलग होता है। प्राइवेट विमान का मालिक या उसे ऑपरेट करने वाली कंपनी इंश्योरेंस पॉलिसी लेती है। इस पॉलिसी में विमान क्रू और यात्री तीनों शामिल हो सकते हैं। यह इंश्योरेंस पूरी तरह कस्टमाइज्ड होता है और हर प्लेन की पॉलिसी अलग हो सकती है।
इंश्योरेंस में क्या क्या कवर होता है
प्राइवेट प्लेन इंश्योरेंस में आमतौर पर दुर्घटना में मौत की स्थिति में डेथ बेनिफिट स्थायी विकलांगता का कवर और इलाज का खर्च शामिल किया जा सकता है। हालांकि यह जरूरी नहीं कि हर पॉलिसी में सभी कवर हों। कई बार सिर्फ लिमिटेड कवर लिया जाता है और यात्रियों को अलग से ट्रैवल इंश्योरेंस कराने की सलाह दी जाती है।
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कितनी रकम तक का मिल सकता है कवर
प्राइवेट विमान के इंश्योरेंस में मिलने वाली रकम तय पॉलिसी पर निर्भर करती है। कुछ मामलों में यह रकम लाखों में होती है तो कुछ खास पॉलिसी में करोड़ों तक का कवर भी दिया जाता है। हाई प्रोफाइल यात्रियों के लिए अलग तरह की पॉलिसी ली जाती है जिसमें ज्यादा रकम तय की जाती है। यह पूरी तरह बीमा शर्तों पर निर्भर करता है।
क्लेम की प्रक्रिया कैसे होती है
अगर किसी प्राइवेट विमान के साथ हादसा होता है तो सबसे पहले जांच रिपोर्ट तैयार की जाती है। इसके बाद इंश्योरेंस कंपनी को जरूरी दस्तावेज जैसे हादसे की रिपोर्ट मेडिकल कागजात पॉलिसी की जानकारी और लाभार्थी के दस्तावेज दिए जाते हैं। इंश्योरेंस कंपनी जांच के बाद नियमों के अनुसार भुगतान करती है।
यात्रियों के लिए क्या जरूरी है समझना
प्राइवेट प्लेन में सफर करने वालों के लिए यह जानना जरूरी है कि केवल विमान की पॉलिसी पर निर्भर न रहें। बेहतर यही होता है कि यात्री खुद भी ट्रैवल इंश्योरेंस लें। इससे मेडिकल खर्च और दुर्घटना से जुड़ा अतिरिक्त सुरक्षा कवच मिल जाता है और भविष्य में किसी तरह की परेशानी से बचा जा सकता है।