Mumbai Police Strategy: मुंबई के शिवाजी पार्क में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे समेत कई मांगों को लेकर आयोजित प्रदर्शन के दौरान तनाव की आशंका के बावजूद स्थिति नियंत्रण में रही। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज नहीं किया और किसी बड़े टकराव की स्थिति भी सामने नहीं आई। शाम होते-होते प्रदर्शनकारी धीरे-धीरे वहां से लौट गए और रात तक सड़क पर यातायात सामान्य हो गया। प्रदर्शन समाप्त होने के बाद कुछ प्रदर्शनकारियों ने मुंबई पुलिस के रवैये की सराहना भी की।
अनुमति नहीं मिली तो सड़क पर बनाया गया अस्थायी मंच
CJP की ओर से शिवाजी पार्क में प्रदर्शन का ऐलान किया गया था। पुलिस की ओर से अनुमति नहीं दिए जाने के बाद आयोजकों ने मैदान के बाहर सड़क पर एक ट्रक को खड़ा कर अस्थायी मंच तैयार किया। निर्धारित समय शाम चार बजे था, लेकिन दोपहर से ही लोगों का पहुंचना शुरू हो गया। शाम तक बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी मौके पर जमा हो गए, जिनमें युवाओं और महिलाओं की भी अच्छी भागीदारी दिखाई दी।
मंच से नेताओं ने रखी अपनी बात
प्रदर्शन के दौरान CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके समेत संगठन के कई नेताओं ने मंच से संबोधन किया। वक्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त और सरकार से जुड़े कई मुद्दों पर अपनी बात रखी। कार्यक्रम में फिल्म और सामाजिक क्षेत्र से जुड़ी कुछ जानी-मानी हस्तियां भी मौजूद रहीं। पुलिस ने पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा रखी थी और वर्दी के साथ-साथ सादे कपड़ों में भी सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए थे।
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भारी पुलिस बल के बीच हालात रहे काबू में
शिवाजी पार्क के आसपास मुंबई पुलिस की स्पेशल ब्रांच और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारी भीड़ की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे। प्रदर्शन के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों और मीडियाकर्मियों के बीच मामूली धक्का-मुक्की की घटनाएं सामने आईं, लेकिन कोई बड़ी हिंसक घटना नहीं हुई। शाम करीब सात बजे लोगों के लौटने का सिलसिला शुरू हुआ और रात आठ बजे तक सड़क काफी हद तक खाली हो गई। इसके बाद यातायात भी सामान्य हो गया।
संवेदनशील प्रदर्शन को संभालने पर पुलिस की चर्चा
प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना मुंबई पुलिस के लिए अहम चुनौती थी। पुलिस अधिकारियों की ओर से भीड़ की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी गई और स्थिति को बिगड़ने से रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी गई। रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारियों ने प्रदर्शन के दौरान संयम और निगरानी पर जोर दिया। शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन समाप्त होने के बाद पुलिस और प्रशासन ने राहत की सांस ली।