Punjab Government: पंजाब सरकार ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के मामलों को लेकर सख्त कानून लागू कर दिया है। नए प्रावधानों के तहत दोषी पाए जाने पर कम से कम 10 साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा और 5 लाख से 25 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। इसके साथ ही इन मामलों को गैर-जमानती श्रेणी में रखा गया है, जिससे आरोपियों को आसानी से राहत नहीं मिल सकेगी।
नई SOP से जांच होगी मजबूत
पंजाब पुलिस ने इन मामलों की जांच के लिए नई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) जारी की है, जिसे पंजाब ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन ने तैयार किया है। इसमें फॉरेंसिक सटीकता, डिजिटल साक्ष्यों की सुरक्षा और तय समय में कार्रवाई पर जोर दिया गया है। निर्देश दिए गए हैं कि 60 से 90 दिनों के भीतर जांच पूरी कर अदालत में चालान पेश किया जाए।
घटनास्थल पर सख्त प्रोटोकॉल
नई व्यवस्था के अनुसार, सूचना मिलते ही SHO और जांच अधिकारी को तुरंत मौके पर पहुंचना होगा। सबूतों की सुरक्षा के लिए घटनास्थल पर दो स्तर की घेराबंदी की जाएगी। साथ ही हाई-रिजॉल्यूशन फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी और मैपिंग अनिवार्य होगी, ताकि जांच में कोई कमी न रह जाए।
यह भी देखेंःMajor Attack on BJP: भाजपा पर अखिलेश यादव का बड़ा हमला, नकली विरोध का लगाया आरोप
फंडिंग की भी जांच
पुलिस अब केवल आरोपी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पूरे नेटवर्क और साजिश का पता लगाएगी। सोशल मीडिया, डीपफेक और भ्रामक कंटेंट की जांच के लिए आधुनिक तकनीक और AI टूल्स का इस्तेमाल किया जाएगा। साथ ही बिटकॉइन जैसी क्रिप्टोकरेंसी के जरिए होने वाली फंडिंग को भी जांच के दायरे में लाया गया है।
निगरानी व्यवस्था
इस कानून के तहत दोषी पाए जाने पर 10 साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा तय की गई है। मामलों की निगरानी सीधे SSP या पुलिस कमिश्नर स्तर के अधिकारी करेंगे। इसके अलावा, यदि आरोपी की मानसिक स्थिति संदिग्ध लगती है, तो विशेषज्ञों की टीम द्वारा उसका परीक्षण भी कराया जाएगा, जिससे निष्पक्ष जांच सुनिश्चित हो सके।