NITI Aayog meeting: नीति आयोग की शासी परिषद की बैठक में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को केंद्र सरकार के समक्ष प्रमुखता से रखा। मुख्यमंत्री ने पंजाब की भौगोलिक, सुरक्षा और आर्थिक परिस्थितियों का हवाला देते हुए राज्य को विशेष श्रेणी का दर्जा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि देश की सीमाओं की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाने वाले पंजाब को अतिरिक्त सहायता और विशेष सुविधाएं मिलनी चाहिए, ताकि राज्य के विकास और सुरक्षा दोनों को मजबूती मिल सके।
सीमावर्ती राज्य होने की चुनौतियों का उठाया मुद्दा
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब पाकिस्तान के साथ लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करता है, जिसके कारण राज्य को सुरक्षा संबंधी अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। सीमा पार से होने वाली तस्करी, ड्रोन गतिविधियां और अन्य सुरक्षा जोखिम राज्य के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए पंजाब को विशेष सहायता प्रदान की जाए और केंद्र प्रायोजित योजनाओं में अधिक अनुदान दिया जाए।
बाढ़ और विकास से जुड़े मुद्दों पर भी जोर
बैठक में मुख्यमंत्री ने हाल के वर्षों में आई बाढ़ और उससे हुए नुकसान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं के कारण राज्य को भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ी है, जिससे विकास कार्य प्रभावित हुए हैं। साथ ही उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों में निवेश और आधारभूत ढांचे के विकास की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि इन इलाकों के लिए विशेष योजनाएं बनाई जानी चाहिए ताकि स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सके।
मोहाली को सेमीकंडक्टर हब बनाने का प्रस्ताव
भगवंत मान ने बैठक में मोहाली को देश के प्रमुख सेमीकंडक्टर और तकनीकी केंद्र के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव भी रखा। उन्होंने कहा कि यहां पहले से मौजूद तकनीकी संस्थान, प्रशिक्षित मानव संसाधन और आधारभूत सुविधाएं इस दिशा में मजबूत आधार प्रदान करती हैं। मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि केंद्र सरकार के निवेश और सहयोग से मोहाली को वैश्विक स्तर के सेमीकंडक्टर विनिर्माण केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकता है।
शिक्षा, स्वास्थ्य और नशा मुक्ति अभियान की उपलब्धियां गिनाईं
मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य और नशा मुक्ति के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की जानकारी भी साझा की। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, आम आदमी क्लीनिकों का संचालन और नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान सकारात्मक परिणाम दे रहे हैं। शिक्षा के क्षेत्र में भी राज्य लगातार सुधार की दिशा में काम कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब का विकास केवल राज्य के हित में नहीं, बल्कि देश की आंतरिक सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा और विकसित भारत के लक्ष्य से भी सीधे जुड़ा हुआ है।