Putin big statement: किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में सीएसटीओ समिट के दौरान रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने यूरोपीय देशों को आश्वस्त किया कि रूस का न तो यूरोप और न ही नाटो पर हमला करने का कोई इरादा है। उन्होंने साफ कहा कि पश्चिमी देशों द्वारा फैलाया जा रहा यह दावा पूरी तरह झूठ और हथियार कंपनियों का प्रचार है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुतिन ने कहा कि यूरोपीय नेता अपनी जनता को डराने के लिए रूस के खिलाफ गलत सूचनाओं का सहारा ले रहे हैं। उन्होंने यहां तक कहा कि अगर पश्चिम चाहे, तो रूस “कूटनीतिक भाषा में लिखित गारंटी” देने को भी तैयार है कि वह यूरोप के खिलाफ कोई सैन्य कदम नहीं उठाएगा।
ट्रंप की शांति योजना पर रूसी रुख
यूक्रेन युद्ध को लेकर पुतिन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 28-सूत्री शांति योजना पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव भविष्य में समझौते की आधारशिला बन सकता है, हालांकि कुछ बिंदुओं पर गंभीर चर्चा की जरूरत है। योजना में यूक्रेन की संप्रभुता का सम्मान, सीमित सैन्य क्षमता, नाटो सदस्यता रोकना और कुछ इलाकों को रूस को सौंपने जैसे मुद्दे शामिल हैं। पुतिन ने बताया कि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल जल्द ही मास्को आएगा, जहां दोनों पक्ष प्रस्ताव पर विस्तृत बातचीत करेंगे। उन्होंने यह भी दावा किया कि यूक्रेन की राजनीतिक नेतृत्व पर भरोसा करना मुश्किल है क्योंकि उन्होंने चुनाव न कराकर “रणनीतिक गलती” की है।
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यूक्रेन नहीं माना तो सैन्य कार्रवाई जारी रहेगी
पुतिन ने चेतावनी दी कि यदि यूक्रेन इस शांति प्रस्ताव को स्वीकार नहीं करता, तो रूस अपने सैन्य लक्ष्यों को युद्ध के माध्यम से पूरा करेगा। उन्होंने कहा कि रूस बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन यदि कूटनीति विफल होती है, तो सेना अपना काम जारी रखेगी। उनका बयान ऐसे समय आया है जब फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने रूस के खतरे को देखते हुए युवाओं के लिए स्वैच्छिक सैन्य सेवा शुरू करने का ऐलान किया है। पुतिन ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यूरोप में तनाव बढ़ाने का काम खुद पश्चिम कर रहा है, जबकि रूस किसी भी तरह के विस्तारवादी एजेंडे से दूर है।