CJP Instagram Followers: मुंबई में कॉकरोच जनता पार्टी के आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर कथित डिजिटल हेरफेर और फर्जी फॉलोअर्स बढ़ाने के आरोपों को लेकर शिकायत दर्ज कराई गई है। बॉम्बे हाई कोर्ट के वकील अरविंद सिंह ने मुंबई पुलिस आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की साइबर फोरेंसिक जांच कराने की मांग की है। शिकायत में सोशल मीडिया पर कथित कृत्रिम लोकप्रियता दिखाने के आरोप लगाए गए हैं।
फॉलोअर्स में असामान्य बदलाव का दावा
शिकायतकर्ता का दावा है कि संबंधित इंस्टाग्राम अकाउंट के फॉलोअर्स की संख्या में कम समय के भीतर असामान्य रूप से तेजी से बढ़ोतरी और गिरावट दर्ज की गई। इसके समर्थन में स्क्रीनशॉट, स्क्रीन रिकॉर्डिंग और एक साइबर विशेषज्ञ की ओपन-सोर्स ऑब्जर्वेशन रिपोर्ट भी पुलिस को सौंपी गई है। शिकायत में इन तथ्यों की तकनीकी जांच कराने की मांग की गई है।
साइबर फोरेंसिक जांच की मांग
अरविंद सिंह का कहना है कि यदि किसी सोशल मीडिया अकाउंट की लोकप्रियता कृत्रिम तरीके से बढ़ाई जाती है, तो इससे आम लोगों के साथ-साथ सार्वजनिक जीवन से जुड़े व्यक्तियों की धारणा भी प्रभावित हो सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी संगठन पर सीधे आरोप लगाना नहीं, बल्कि उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच कराकर सच्चाई सामने लाना है।
विशेषज्ञ ने ओपन-सोर्स विश्लेषण का किया दावा
साइबर विशेषज्ञ प्रमेंद्र शर्मा ने बताया कि उन्होंने सार्वजनिक रूप से उपलब्ध डेटा और इंस्टाग्राम के लाइव फॉलोअर काउंट का ओपन-सोर्स विश्लेषण किया। उनके अनुसार, फॉलोअर्स की संख्या में असामान्य उतार-चढ़ाव देखने को मिला, जिसकी सामान्य सोशल मीडिया गतिविधियों से तुलना करने पर कई सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि संभावित थर्ड-पार्टी सोशल मीडिया मार्केटिंग गतिविधियों की जांच आवश्यक है।
विदेशी फंडिंग और पुराने बयान का भी जिक्र
शिकायतकर्ता ने मांग की है कि जांच में यह भी पता लगाया जाए कि यदि फॉलोअर्स कृत्रिम रूप से बढ़ाए गए हैं तो इसके पीछे कौन लोग हैं, फंडिंग का स्रोत क्या है और क्या किसी तीसरे पक्ष या विदेशी नेटवर्क की भूमिका रही है। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि जून 2026 में सोनम वांगचुक ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में CJP के साथ जुड़ने और उसके सोशल मीडिया आंकड़ों का जिक्र किया था। फिलहाल इन सभी दावों और आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और मामले की जांच की मांग की गई है