विशाखापट्टनम में खेला गया भारत-साउथ अफ्रीका वनडे सीरीज का निर्णायक मुकाबला पूरी तरह क्विंटन डिकॉक के नाम रहा। लगभग दो साल तक वनडे क्रिकेट से दूर रहने के बाद डिकॉक ने जैसे ही संन्यास से वापसी का फैसला किया, उनकी बैटिंग में फिर पुरानी चमक लौट आई। शुरुआती दो मुकाबलों में वह सिर्फ 8 रन ही बना सके थे, लेकिन सीरीज के आखिरी मैच में ऐसा धमाका किया कि भारतीय गेंदबाजों के होश उड़ गए। साउथ अफ्रीका ने पहले ओवर में ही विकेट गंवा दिया था, लेकिन डिकॉक ने हालात बदलते हुए सिर्फ 80 गेंदों में अपना 23वां वनडे शतक ठोक दिया।
42 गेंदों में पचासा, फिर और तेज हुई पारी
पहले रिकलटन आउट हुए, फिर शुरुआती ओवरों में रन भी नहीं बन रहे थे। लेकिन डिकॉक ने जैसे ही बैटिंग की लय पकड़ी, भारतीय गेंदबाजों पर लगातार अटैक शुरू कर दिया। उन्होंने सिर्फ 42 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया और इसके बाद और आक्रामक हो गए। अगले पचास रन बनाने में उन्होंने सिर्फ 38 गेंदें लगाईं। डिकॉक ने 30वें ओवर में हर्षित राणा की गेंद पर छक्का लगाकर अपना शतक पूरा किया। यह शतक उनके लिए खास इसलिए भी रहा क्योंकि 1413 दिन बाद उन्होंने भारत के खिलाफ वनडे सेंचुरी लगाई। इससे पहले वह 23 जनवरी 2022 को भारत के विरुद्ध शतक बना चुके थे।
टूटा AB डिविलियर्स का रिकॉर्ड, जयसूर्या की बराबरी
डिकॉक का यह शतक भारत के खिलाफ उनके करियर का 7वां शतक है। वह इस मामले में AB डिविलियर्स को पीछे छोड़कर साउथ अफ्रीका की ओर से भारत के खिलाफ सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले बल्लेबाज बन गए। इसके साथ ही उन्होंने श्रीलंका के दिग्गज सनथ जयसूर्या के रिकॉर्ड की भी बराबरी कर ली, जिनके नाम भी भारत के खिलाफ 7 वनडे शतक थे। बल्लेबाजी के दौरान डिकॉक ने हर भारतीय गेंदबाज की लाइन-लेंथ बिगाड़ दी और एक छोर पर डटे रहे। उनकी पारी में कुल 106 रन शामिल रहे, जिसमें 8 चौके और 6 बड़े छक्के आए।
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सबसे ज्यादा वनडे शतकों की लिस्ट में बढ़ाई छलांग
डिकॉक अब 23 वनडे शतक के साथ दुनिया के टॉप-10 शतकबाजों में शामिल हो गए हैं। उन्होंने सौरव गांगुली, डेविड वॉर्नर और तिलकरत्ने दिलशान जैसे बड़े नामों को पीछे छोड़ दिया है, जिनके नाम 22-22 शतक दर्ज थे। यह उपलब्धि उन्होंने अपनी सिर्फ 161वीं वनडे पारी में हासिल कर ली। हालांकि, शतक के बाद वह ज्यादा देर टिक नहीं सके और 89 गेंदों पर 106 रन बनाकर आउट हो गए। फिर भी उनकी यह पारी सीरीज के सबसे बड़े मोमेंट में से एक बन गई और साउथ अफ्रीका को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया।