Rahu-Shukra Shadashtak Yog 2026: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार 1 अगस्त को शुक्र ग्रह सिंह राशि से निकलकर कन्या राशि में प्रवेश करेंगे। इस गोचर के दौरान कुंभ राशि में विराजमान राहु और कन्या राशि में मौजूद शुक्र के बीच षडाष्टक योग बनेगा। ज्योतिषीय दृष्टि से यह योग बहुत अनुकूल नहीं माना जाता है। इसका प्रभाव कुछ राशियों के जीवन में आर्थिक, पारिवारिक और प्रेम संबंधी चुनौतियां लेकर आ सकता है। ऐसे में इन राशियों के लोगों को आने वाले समय में सोच-समझकर कदम उठाने की सलाह दी जाती है।
मेष राशि
मेष राशि वालों के लिए शुक्र छठे भाव में रहेंगे, जो प्रतिस्पर्धा, शत्रु और स्वास्थ्य से जुड़ा माना जाता है। इस अवधि में विरोधी सक्रिय हो सकते हैं और आपके काम में बाधाएं डालने की कोशिश कर सकते हैं। कार्यस्थल पर किसी भी विवाद से बचना बेहतर रहेगा। प्रेम जीवन में गलतफहमियां या किसी तीसरे व्यक्ति की दखल रिश्तों में तनाव बढ़ा सकती है। वहीं पैसों से जुड़े मामलों में जल्दबाजी नुकसान पहुंचा सकती है। यदि कहीं निवेश करने का विचार है तो पहले अनुभवी व्यक्ति की सलाह जरूर लें।
उपाय: भगवान विष्णु की नियमित पूजा और उनके मंत्रों का जाप करना शुभ माना जाएगा।
कन्या राशि
कन्या राशि में शुक्र का प्रवेश होने के बावजूद यहां उनकी स्थिति कमजोर मानी जाती है। साथ ही राहु छठे भाव में रहेंगे, जिससे स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां बढ़ सकती हैं। इसलिए छोटी-मोटी दिक्कतों को भी नजरअंदाज करने से बचें। व्यापार करने वाले लोगों को धन के लेन-देन में अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी। बिना जांच-पड़ताल के कोई आर्थिक फैसला नुकसान दे सकता है। नौकरीपेशा लोगों के सामने भी कार्यस्थल पर कुछ चुनौतियां आ सकती हैं।
उपाय: भगवान शिव की आराधना करें और नियमित रूप से शिव मंत्रों का जाप करें।
यह भी पढ़ें: सावन में राहु का नक्षत्र परिवर्तन, इन 4 राशियों को मिलेगा पैसा, प्रमोशन और सफलता का साथ
तुला राशि
तुला राशि के लिए शुक्र बारहवें भाव में रहेंगे, जिसे खर्च और हानि का स्थान माना जाता है। ऐसे में इस दौरान अनावश्यक खर्च बढ़ सकते हैं और आर्थिक संतुलन बिगड़ने की आशंका रहेगी। किसी को उधार देना या बिना सोचे-समझे आर्थिक जिम्मेदारी लेना ठीक नहीं रहेगा। रिश्तों में भी संयम बनाए रखना जरूरी होगा। छोटी-छोटी बातों पर विवाद बढ़ सकता है, जिससे प्रेम संबंध और पारिवारिक माहौल प्रभावित हो सकता है। किसी पर भी आंख बंद करके भरोसा करने से पहले स्थिति को अच्छी तरह समझ लें।
उपाय: मां लक्ष्मी की पूजा करें और शुक्रवार के दिन श्रद्धा के साथ उनकी आराधना करें।