Rahul Gandhi Defamation : कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ चल रहे मानहानि मामले में नया कानूनी मोड़ सामने आया है। राहुल गांधी की कथित आवाज के नमूने (वॉयस सैंपल) का मिलान कराने की मांग को लेकर दायर याचिका अब इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ पहुंच गई है। इससे पहले ट्रायल कोर्ट और सेशन कोर्ट इस मांग को खारिज कर चुके हैं।
2018 की टिप्पणी से जुड़ा विवाद
यह मामला वर्ष 2018 में बेंगलुरु में दिए गए राहुल गांधी के एक कथित बयान से जुड़ा है। आरोप है कि उन्होंने उस समय भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष और वर्तमान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इसी मामले को आधार बनाकर भाजपा नेता विजय मिश्र ने 4 अगस्त 2018 को सुल्तानपुर की अदालत में मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था।
राहुल गांधी को किया गया था तलब
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने 27 नवंबर 2023 को राहुल गांधी को पेश होने का आदेश दिया था। इसके बाद राहुल गांधी अदालत पहुंचे और उन्हें जमानत मिल गई। इसके बाद मुकदमे की आगे की कार्रवाई शुरू हुई।
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वॉयस सैंपल को लेकर बढ़ा विवाद
सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता विजय मिश्र की ओर से राहुल गांधी की आवाज का नमूना लेकर उसका मिलान कराने की मांग की गई। इसके लिए ट्रायल कोर्ट में अर्जी दाखिल की गई थी। हालांकि अदालत ने इस मांग को स्वीकार नहीं किया और अर्जी खारिज कर दी।
सेशन कोर्ट से भी नहीं मिली राहत
ट्रायल कोर्ट के फैसले के खिलाफ शिकायतकर्ता ने सेशन कोर्ट का रुख किया। वहां निगरानी अर्जी दाखिल कर फैसले को चुनौती दी गई, लेकिन सेशन कोर्ट ने भी ट्रायल कोर्ट के निर्णय को बरकरार रखा। इसके बाद शिकायतकर्ता ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करने का फैसला लिया।
14 सितंबर पर टिकी निगाहें
भाजपा नेता विजय मिश्र के अधिवक्ता संतोष पांडेय ने अदालत को बताया कि इस मामले में 1 सितंबर को हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। अब इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में 14 सितंबर को सुनवाई होगी। इस सुनवाई में अदालत क्या फैसला देती है, इस पर राजनीतिक और कानूनी दोनों हलकों की नजर बनी हुई है।