Rahul Gandhi Reaction to Sonam Wangchuk: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को दिल्ली के जंतर-मंतर से हटाए जाने की घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे गलत बताया है। सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी अपने बयान में उन्होंने कहा कि वांगचुक का आंदोलन पूरी तरह अहिंसक था और वे छात्रों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को उठा रहे थे। राहुल गांधी ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक और छात्रों की समस्याओं पर आवाज उठाना लोकतांत्रिक अधिकार है।
शिक्षा और छात्रों के मुद्दों को बताया गंभीर
राहुल गांधी ने अपने संदेश में कहा कि देश में प्रश्नपत्र लीक, शिक्षा की बढ़ती लागत और छात्रों की आत्महत्या जैसी घटनाएं भविष्य से जुड़े गंभीर विषय हैं। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों पर चर्चा और समाधान की आवश्यकता है। उनके अनुसार छात्रों की आवाज को दबाने के बजाय उनकी चिंताओं को गंभीरता से सुना जाना चाहिए।
21 दिनों से अनशन पर थे सोनम वांगचुक
सोनम वांगचुक पिछले 21 दिनों से दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनशन कर रहे थे। उनका प्रदर्शन उन छात्रों के समर्थन में था, जो हाल के कथित पेपर लीक मामलों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस उन्हें जंतर-मंतर से हटाकर सफदरजंग अस्पताल ले गई, जिसके बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया।
The core tenets of the Modi government are Asatya and Hinsa.
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) July 18, 2026
The removal of Sonam Wangchuk ji from Jantar Mantar while he was on a non-violent hunger strike is wrong.
Paper leaks, the rising cost of education, and student suicides are critical issues for India’s future.
No…
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पुलिस कार्रवाई के दौरान बढ़ा तनाव
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पुलिस के प्रदर्शन स्थल पर पहुंचने के बाद वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया। वांगचुक के समर्थकों ने उन्हें हटाए जाने का विरोध करते हुए मानव श्रृंखला बनाई और पुलिस कार्रवाई रोकने की कोशिश की। इस दौरान मंच के चारों ओर पर्दा लगाए जाने और प्रदर्शनकारियों तथा पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की भी स्थिति बनी।
राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज
इस घटना के बाद छात्र संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और राजनीतिक दलों की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। एक ओर प्रदर्शनकारी शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली से जुड़े मुद्दों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, वहीं प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक और सामाजिक बहस और तेज होने की संभावना है।