भारतीय रेलवे के हजारों पेंशनभोगियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। रेलवे बोर्ड ने 30 जून को सेवानिवृत्त हुए पात्र कर्मचारियों को नोशनल इंक्रीमेंट (काल्पनिक वार्षिक वेतन वृद्धि) का लाभ देने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश जारी किए हैं। इस फैसले के बाद पात्र कर्मचारियों की पेंशन बढ़ सकती है और उन्हें संशोधित पेंशन के साथ बकाया एरियर का भी लाभ मिलेगा।
रेलवे बोर्ड ने दिए जल्द कार्रवाई के निर्देश
रेलवे बोर्ड ने 16 जुलाई 2026 को जारी आदेश में सभी जोनल रेलवे और प्रोडक्शन यूनिट्स से कहा है कि नोशनल इंक्रीमेंट से जुड़े लंबित मामलों का जल्द निपटारा किया जाए। बोर्ड का उद्देश्य पात्र कर्मचारियों को समय पर उनका अधिकार दिलाना और पेंशन संबंधी मामलों में हो रही देरी को समाप्त करना है, ताकि उन्हें अपने हक के लिए बार-बार कार्यालयों या अदालतों के चक्कर न लगाने पड़ें।
क्या है नोशनल इंक्रीमेंट का मामला?
रेलवे कर्मचारियों की वार्षिक वेतन वृद्धि हर साल 1 जुलाई से लागू होती है। ऐसे में जो कर्मचारी 30 जून को सेवानिवृत्त हो जाते थे, उन्हें अगले दिन लागू होने वाली वेतन वृद्धि का लाभ नहीं मिल पाता था। इसका सीधा असर उनकी पेंशन और रिटायरमेंट लाभों पर पड़ता था, जबकि उन्होंने पूरे वर्ष की सेवा पूरी की होती थी। सुप्रीम कोर्ट के फैसले और केंद्र सरकार के निर्देशों के बाद अब ऐसे पात्र कर्मचारियों को भी इस अतिरिक्त वेतन वृद्धि का लाभ देने का रास्ता साफ हो गया है।
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पेंशन और एरियर दोनों का मिलेगा लाभ
रेलवे के इस फैसले के बाद पात्र कर्मचारियों की मासिक पेंशन का पुनर्निर्धारण किया जाएगा। इसके लिए संशोधित पेंशन पेमेंट ऑर्डर (PPO) जारी होंगे और बढ़ी हुई पेंशन के साथ बकाया एरियर भी दिया जाएगा। रेलवे के अनुसार यह राशि चरणबद्ध तरीके से लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी, जिससे लंबे समय से लंबित मामलों का समाधान हो सकेगा।
लंबित मामलों के जल्द निपटारे पर जोर
रेलवे बोर्ड ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि पात्र कर्मचारियों की सूची जल्द तैयार कर सभी लंबित मामलों का निर्धारित समयसीमा के भीतर निपटारा किया जाए। बोर्ड का मानना है कि समय पर लाभ मिलने से पेंशनभोगियों की परेशानी कम होगी और अदालतों में इस विषय से जुड़े मामलों की संख्या में भी कमी आएगी। यह फैसला उन हजारों पूर्व रेलवे कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है, जो लंबे समय से नोशनल इंक्रीमेंट के लाभ का इंतजार कर रहे थे।