Railways big plan: भारतीय रेलवे ने नए साल के साथ बड़े सुधारों का रोडमैप तैयार कर लिया है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में यात्रियों की सुरक्षा, सेवा गुणवत्ता और तकनीकी सुधारों पर खास जोर दिया गया। रेलवे ने अगले 52 हफ्तों में 52 बड़े सुधार लागू करने का लक्ष्य तय किया है, ताकि रेल यात्रा को और सुरक्षित, तेज और सुविधाजनक बनाया जा सके।
हादसों में भारी कमी
बैठक में रेल यात्रियों की सुरक्षा को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। आंकड़ों के मुताबिक, कॉनसिक्वेन्शियल रेल दुर्घटनाओं में लगभग 90 फीसदी की कमी आई है। जहां 2014-15 में 135 बड़े हादसे हुए थे, वहीं 2025-26 में यह संख्या घटकर 11 रह गई है। अब रेलवे का लक्ष्य इसे सिंगल डिजिट तक लाना है।
52 हफ्तों में 52 सुधार
रेलवे के इस सुधार अभियान के तहत अगले एक साल में हर हफ्ते एक बड़ा सुधार लागू किया जाएगा। इसमें कार्यकुशलता बढ़ाने, गवर्नेंस सुधारने और सर्विस डिलीवरी को मजबूत करने पर फोकस रहेगा। रेलवे बोर्ड, जोन और डिवीजन स्तर पर जवाबदेही तय करने की भी योजना है।
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AI और टेक्नोलॉजी से मिलेगा बूस्ट
सुरक्षा, मेंटेनेंस और ऑपरेशन्स में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल को तेज किया जाएगा। ट्रैक मॉनिटरिंग, कोच मेंटेनेंस और सिग्नलिंग सिस्टम में स्मार्ट टेक्नोलॉजी को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही कर्मचारियों के टैलेंट मैनेजमेंट और स्किल डेवलपमेंट के लिए नए तरीके अपनाए जाएंगे।
यात्रियों को बेहतर सुविधाएं, खानपान पर जोर
रेल यात्रा के दौरान मिलने वाले खाने की गुणवत्ता, कैटरिंग और ऑनबोर्ड सेवाओं में भी बड़े सुधार की योजना है। रेलवे का उद्देश्य है कि यात्रियों को साफ, सुरक्षित और बेहतर अनुभव मिले। बैठक में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट और क्षमता विस्तार की समीक्षा करते हुए मंत्रालय ने यात्री-केंद्रित विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।