Delcy Rodriguez: वेनेजुएला और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिख रहा है। मादुरो की गिरफ्तारी के बाद अमेरिकी दावों पर वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज़ ने कड़ा पलटवार किया है। उन्होंने साफ कहा कि ड्रग्स, लोकतंत्र और मानवाधिकारों के नाम पर लगाए जा रहे आरोप झूठे हैं और इनका असली मकसद वेनेजुएला के विशाल तेल भंडार पर कब्जा करना है।
अमेरिका के दावों को बताया बहाना
वेनेजुएला की संसद को संबोधित करते हुए रोड्रिगेज़ ने कहा कि उनका देश ऊर्जा की बड़ी शक्ति है और यही उसकी सबसे बड़ी चुनौती भी बन गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका लंबे समय से तेल संसाधनों पर नजर बनाए हुए है और इसी लालच में तरह-तरह के आरोप गढ़े जा रहे हैं। उनके मुताबिक, ये सभी दावे केवल हस्तक्षेप को正 ठहराने के बहाने हैं।
ट्रंप के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया
डेल्सी रोड्रिगेज़ की यह टिप्पणी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के बाद आई है, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि वेनेजुएला अमेरिका को पूरा सहयोग दे रहा है और वॉशिंगटन वहां लंबे समय तक प्रभाव बनाए रखेगा। रोड्रिगेज़ ने इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि वेनेजुएला किसी के दबाव में नहीं है और अपने संसाधनों पर संप्रभु अधिकार रखता है।
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चीन और रूस को लेकर क्या कहा
रोड्रिगेज़ ने स्पष्ट किया कि वेनेजुएला चीन, रूस और अन्य देशों के साथ ऊर्जा साझेदारी के लिए तैयार है, बशर्ते यह सहयोग अंतरराष्ट्रीय कानून और पारदर्शी वाणिज्यिक समझौतों के तहत हो। उन्होंने कहा कि देश ऐसे ऊर्जा संबंध चाहता है जिनसे सभी पक्षों को लाभ मिले और किसी एक देश का दबदबा न हो।
मादुरो को हटाने की कोशिश पर सवाल
उन्होंने अमेरिका पर निकोलस मादुरो को हटाने की कोशिशों को दोनों देशों के रिश्तों पर “काला धब्बा” बताया। साथ ही यह भी कहा कि व्यापार करना असामान्य नहीं है, लेकिन किसी देश के संसाधनों पर नियंत्रण की कोशिश स्वीकार्य नहीं हो सकती। रोड्रिगेज़ के इस बयान के बाद अमेरिका–वेनेजुएला संबंधों में और तल्खी आने के संकेत मिल रहे हैं।