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Rain wreaks havoc in Himachal: हिमाचल प्रदेश में इस साल की बारिश ने भारी तबाही मचाई है। अब तक 380 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है और 577 सड़कें अभी भी बंद हैं। लगातार हो रहे भूस्खलन और बाढ़ से तीन राष्ट्रीय राजमार्ग भी ठप पड़े हैं। राज्य आपदा प्रबंधन केंद्र के मुताबिक, बारिश और उससे जुड़ी घटनाओं से अब तक करीब 4,306 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। वहीं, मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में और भारी बारिश की चेतावनी देते हुए सतर्क रहने की अपील की है।
सड़कें बंद, बिजली-जल आपूर्ति ठप
भारी बारिश और भूस्खलन की वजह से अटारी-लेह (NH-3), औट-सैंज (NH-305) और अमृतसर-भोटा (NH-503A) जैसे राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हैं। कुल्लू में सबसे ज्यादा 213 और मंडी जिले में 154 सड़कें बंद पड़ी हैं। 812 ट्रांसफॉर्मर क्षतिग्रस्त होने से बिजली आपूर्ति बाधित है, वहीं 369 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं। परिवहन निगम की बस सेवाएं रुकने से यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है और निगम को रोजाना लाखों का घाटा उठाना पड़ रहा है। राहत और बहाली का काम लगातार जारी है, लेकिन मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं।
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मौतें और नया अलर्ट
मानसून की शुरुआत 20 जून से अब तक 380 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें 48 भूस्खलन, 17 बादल फटने, 11 बाढ़ और 165 सड़क हादसों में जान गंवा चुके हैं। इसके अलावा 40 लोग अभी भी लापता हैं। आईएमडी ने चंबा, कांगड़ा और मंडी जिलों के लिए भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। शुक्रवार से रविवार तक राज्य के चार से छह जिलों में फिर से भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने येलो अलर्ट भी जारी किया है और लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।