Realistic Durga Idol : छत्तीसगढ़ के रायपुर में बनी मां दुर्गा की एक खूबसूरत मूर्ति इन दिनों लोगों का ध्यान खींच रही है। मूर्ति का चेहरा, आंखें और मुस्कान इतनी असली जैसी लगती हैं कि देखने वाले बस इसे निहारते रह जाते हैं। सोशल मीडिया पर भी इस मूर्ति की तस्वीरें खूब पसंद की जा रही हैं। खास बात यह है कि इसे बनाने में कलाकारों की मेहनत के साथ उनकी बारीक कला भी साफ नजर आती है। कई लोग इसे देखकर भावुक हो रहे हैं और मां के दर्शन जैसा अनुभव बता रहे हैं।
दो भाइयों की कला ने किया कमाल
इस खूबसूरत मूर्ति को बनाने वाले कलाकार रायपुर के दो भाई लक्ष्मी नारायण चक्रधारी और परमेश्वर चक्रधारी हैं। दोनों को मूर्ति बनाने का शौक बचपन से रहा है। अपनी इसी पसंद को उन्होंने धीरे-धीरे हुनर में बदला और आज उनकी बनाई कलाकृतियां लोगों के बीच पहचान बना रही हैं। दोनों भाइयों की जोड़ी दिखाती है कि जब मेहनत और रचनात्मक सोच साथ आती है, तो साधारण चीज भी खास बन सकती है। उनकी कला अब शहर से बाहर भी लोगों का ध्यान खींच रही है।
आंखों से लेकर चेहरे तक हर चीज पर खास ध्यान
मां दुर्गा की इस मूर्ति की सबसे खास बात इसकी बारीक बनावट है। चेहरे के भाव, आंखों की चमक, होंठों की बनावट और साड़ी की सजावट को बेहद ध्यान से तैयार किया गया है। मूर्ति के हर हिस्से में कलाकारों की मेहनत दिखाई देती है। यही वजह है कि पहली नजर में यह मूर्ति किसी तस्वीर जैसी लगती है। ऐसी कलाकारी के लिए सिर्फ हाथों का हुनर ही नहीं, बल्कि धैर्य और छोटी-छोटी बातों पर ध्यान देना भी जरूरी होता है।
पढ़ाई और हुनर से बनाई अपनी अलग पहचान
लक्ष्मी नारायण चक्रधारी ने खैरागढ़ के इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय से मूर्तिकला में स्नातक की पढ़ाई की है। दोनों भाई रायपुर में महादेव घाट के पास अपना कला स्टूडियो चलाते हैं। यहां वे अलग-अलग तरह की मूर्तियां तैयार करते हैं। उनका काम बताता है कि पारंपरिक कला आज भी लोगों के बीच अपनी खास जगह रखती है। सही अभ्यास और लगातार मेहनत से इस कला को नए अंदाज में लोगों तक पहुंचाया जा सकता है।
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सोशल मीडिया पर क्यों पसंद की जा रही है मूर्ति
आज सोशल मीडिया पर ऐसी कलाकृतियां तेजी से लोगों तक पहुंचती हैं, जिनमें कुछ खास देखने को मिलता है। मां दुर्गा की इस मूर्ति के साथ भी ऐसा ही हो रहा है। इसकी असली जैसी दिखने वाली बनावट और कलाकारों की मेहनत लोगों को आकर्षित कर रही है। रायपुर के इन दोनों भाइयों का काम यह भी दिखाता है कि भारतीय मूर्तिकला में आज भी कितना हुनर मौजूद है। उनकी बनाई यह मूर्ति सिर्फ सजावट नहीं, बल्कि कला, आस्था और मेहनत का खूबसूरत मेल बन गई है।