बेटियों की शिक्षा और आत्मनिर्भरता को मजबूत करने के लिए राजस्थान सरकार ने एक अहम कदम उठाया है। सरकार की लाडो प्रोत्साहन योजना का मकसद बेटियों को जन्म से लेकर पढ़ाई पूरी करने तक आर्थिक सहारा देना है। इस योजना के जरिए परिवारों पर पड़ने वाला खर्च कम होगा और बेटियां बिना रुकावट अपनी शिक्षा जारी रख सकेंगी। सरकार का साफ मानना है कि जब बेटियां पढ़ेंगी और आगे बढ़ेंगी, तभी समाज मजबूत बनेगा।
क्या है लाडो प्रोत्साहन योजना
लाडो प्रोत्साहन योजना राजस्थान सरकार की एक कल्याणकारी योजना है। इसके तहत राज्य में जन्म लेने वाली बेटियों को जन्म से लेकर 21 वर्ष की उम्र तक कुल 1.5 लाख रुपये की सहायता दी जाती है। यह रकम एक साथ नहीं बल्कि बेटी के जीवन के अलग-अलग पड़ावों पर किश्तों में दी जाती है। योजना का लाभ उन्हीं बच्चियों को मिलता है जिनका जन्म सरकारी अस्पताल या मान्यता प्राप्त मेडिकल संस्थान में हुआ हो।
किस्तों में कैसे मिलती है 1.5 लाख की राशि
इस योजना के तहत सरकार 7 किस्तों में राशि देती है। जन्म के समय 5,000 रुपये दिए जाते हैं। 1 वर्ष की उम्र पूरी होने और टीकाकरण के बाद 5,000 रुपये मिलते हैं। कक्षा 1 में प्रवेश पर 10,000 रुपये, कक्षा 6 में प्रवेश पर 15,000 रुपये, कक्षा 10 में प्रवेश पर 20,000 रुपये और कक्षा 12 में प्रवेश पर 25,000 रुपये दिए जाते हैं। ग्रेजुएशन पूरी होने और 21 वर्ष की उम्र होने पर 70,000 रुपये की अंतिम किस्त मिलती है।
ये भी पढ़ें : 26 January पर Delhi में बदल जाएगा सफर का तरीका, मेट्रो टाइमिंग से पार्किंग तक नए नियम, निकलने से पहले जान लें पूरी गाइडलाइन
राजश्री योजना से लाडो योजना तक
इस योजना की शुरुआत पहले मुख्यमंत्री राजश्री योजना के रूप में हुई थी। उस समय बेटियों को करीब 50,000 रुपये की सहायता दी जाती थी। वर्ष 2024 में मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने योजना को नया रूप दिया और इसका नाम लाडो प्रोत्साहन योजना रखा। पहले सहायता राशि बढ़ाई गई और बाद में महिला दिवस पर इसे बढ़ाकर 1.5 लाख रुपये कर दिया गया। इससे योजना पहले से कहीं ज्यादा प्रभावी बन गई।
कौन कर सकता है आवेदन
इस योजना का लाभ राजस्थान की उन बेटियों को मिलेगा जिनका जन्म राज्य में हुआ हो। बच्ची का जन्म सरकारी या मान्यता प्राप्त अस्पताल में होना जरूरी है। माता-पिता का राजस्थान का निवासी होना भी जरूरी शर्त है। योजना का उद्देश्य यही है कि बेटियों की पढ़ाई बीच में न रुके और वे आत्मनिर्भर बन सकें।
आवेदन की पूरी प्रक्रिया
सरकारी अस्पताल में जन्म लेने वाली बच्ची का विवरण अपने आप PCTS पोर्टल पर दर्ज हो जाता है। इसके बाद माता-पिता को SSO पोर्टल sso.rajasthan.gov.in पर रजिस्ट्रेशन करना होता है। लॉगिन करने के बाद लाडो प्रोत्साहन योजना का आवेदन फॉर्म भरा जाता है। आवेदन के साथ जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र और बैंक खाते की जानकारी देनी होती है। सत्यापन पूरा होते ही पहली किस्त सीधे बैंक खाते में भेज दी जाती है।