राजस्थान सरकार छोटे, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) को बढ़ावा देने और युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए बड़ा कदम उठाने जा रही है। अंतरराष्ट्रीय एमएसएमई दिवस के अवसर पर शनिवार को जयपुर के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में राज्य स्तरीय मेगा कार्यक्रम आयोजित होगा, जिसमें मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा हजारों उद्यमियों और विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को 13 करोड़ रुपये से अधिक के वित्तीय लाभ, लोन और सब्सिडी वितरित करेंगे। सरकार का उद्देश्य उद्योगों को नई गति देना और रोजगार के अवसर बढ़ाना है।
लाभार्थियों को मिलेंगे चेक और जमीन आवंटन पत्र
कार्यक्रम के दौरान उद्योग एवं वाणिज्य विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत चयनित लाभार्थियों को मुख्यमंत्री स्वयं लोन, अनुदान और सब्सिडी के चेक सौंपेंगे। इसके अलावा राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं निवेश निगम (रीको) की योजनाओं के तहत चयनित उद्यमियों को भूमि आवंटन पत्र और ऑफर लेटर भी दिए जाएंगे। इससे नए उद्योग स्थापित करने और मौजूदा इकाइयों का विस्तार करने वाले उद्यमियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
नई औद्योगिक नीति और RAMP पोर्टल की शुरुआत
समारोह में मुख्यमंत्री राज्य की नई औद्योगिक नीति का भी शुभारंभ करेंगे, जिसका उद्देश्य निवेश को बढ़ावा देना और उद्योग स्थापित करने की प्रक्रिया को आसान बनाना है। साथ ही 'वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट' योजना पर आधारित कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया जाएगा, जिससे राजस्थान के पारंपरिक उत्पादों और हस्तशिल्प को वैश्विक पहचान दिलाने में मदद मिलेगी। इसके अलावा छोटे और मध्यम उद्योगों की क्षमता बढ़ाने के लिए 'राइजिंग एंड एक्सेलरेटिंग एमएसएमई परफॉर्मेंस (RAMP)' पोर्टल भी लॉन्च किया जाएगा।
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इन योजनाओं के लाभार्थियों को मिलेगा फायदा
इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, विश्वकर्मा युवा उद्यमी प्रोत्साहन योजना, भीमराव अंबेडकर दलित एवं आदिवासी उद्यम प्रोत्साहन योजना, राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना और एकीकृत क्लस्टर विकास योजना के लाभार्थियों को सहायता प्रदान की जाएगी। साथ ही रीको की डायरेक्ट लैंड अलॉटमेंट और रेंटल पॉलिसी के तहत भी चयनित उद्यमियों को ऑफर लेटर दिए जाएंगे।
आत्मनिर्भर राजस्थान की दिशा में बड़ा कदम
सरकार का मानना है कि इन योजनाओं के जरिए प्रदेश में उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा, नए निवेश आकर्षित होंगे और रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी। विशेषज्ञों के अनुसार, वित्तीय सहायता, भूमि आवंटन और नई औद्योगिक नीतियों का यह संयोजन राजस्थान के औद्योगिक विकास को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।